क्या हार्डकोर कांग्रेसियों, भाजपाइयों को आप समझा सकते हैं कि उनकी पार्टी लुटेरों, ठगों और पूंजीपतियों के रखैलों की पार्टी है ? क्या आप मोदीभक्तों को समझा सकते हैं कि उसके आने से देश का बेडागर्क ही हुआ है, भला कुछ भी नहीं ? क्या…

चुनावी सीजन एक राजनैतिक उत्सव काल होता है | बिलकुल वैसा ही जैसे बाकी सामाजिक उत्सव व त्यौहार होते हैं, वैसा ही होता है चुनावी सीजन का यह राजनैतिक त्योहार | देश भर में उत्सव का वातावरण होता है, नेता, अभी नेता खरीदे बेचे जाते…

एक इंजिनियर साहब ने कहा, “नैनसुख नाम रखने से अधें को दिखाई नहीं देता वैसे ही विशुद्ध चैतन्य नाम से फेसबुक चलाने वाला भी महान संत नहीं होता हैं।” मेरा उत्तर था: ” यह आपसे किसने कह दिया कि विशुद्ध चैतन्य कोई महान संत है…

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एक बाबाजी का फोन आया जो बता रहे थे कि इस समय वे दिल्ली में हैं और जल्दी ही किसी और राज्य में प्रस्थान करेंगे | लेकिन अचानक ही बिना किसी भूमिका या कारण के कहने लगे कि संत होना एक कठिन तपस्या है |…

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गुरु को लेकर आज भी समाज दुविधा में हैं | आज भी लोगों को यह नहीं समझ में आया कि गुरु कोई मंदिरों में सजाकर, पूजा अर्चना करने की चीज नहीं होता | आज भी लोगों को यह समझ में नहीं आया कि गुरु बिना…

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कल संस्कृत के एक विद्वान् ने कहा मुझसे कि संस्कृत तो आती नहीं तुम्हें और सम्प्रदाय को परिभाषित करने निकले हो ? पता भी है तुम्हें कि सम्प्रदाय संस्कृत का शब्द है ? चाहो तो मैं तुम्हें संस्कृत पढ़ा सकता हूँ | मेरा उत्तर था…

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अमेज़न-डॉट-इन पर रिंकी के लिए एक गेंद ऑर्डर किया था, जो कल पहुँचा मेरे पास | यह गेंद मुझे 239/- की पड़ी…मैंने अपने जीवन में इतने महँगे गेंद से कभी नहीं खेला…हमारे ज़माने में पाँच दस रूपये में बढ़िया वाली गेंद आ जाती थी |…

“पूजिए विप्र ज्ञान गुण हीना, शूद्र ना पूजिए ज्ञान प्रवीणा।”-तुलसीदास (रामचरितमानस) आज इन्टरनेट पर तुलसीदास रचित दोहे के इस अंश को खोजा तो पाया कि जितने भी दलित समाज उद्धारक हैं, सभी के पास अलग अलग रामचरितमानस है और सभी में दोहे भी अलग अलग…

अधिकांश साधक त्राटक को मात्र ध्यान की एक विधि समझते हैं | वास्तव में त्राटक एक जीवन शैली है | आइये समझाता हूँ कि कैसे ? सोशल मिडिया आने के बाद से मानव के जीवन में बेचैनी अधिक बढ़ गयी, क्योंकि यहाँ दुनिया भर से…

कभी सोचा है आपने कि आपके चुने हुए नेता का महत्व ही क्या है ? वह होता तो राजनैतिक पार्टियों का सामन्त ही है | उसे पार्टी के अधीन ही रहना है, उसे निर्णय भी वही लेना है जो पार्टी के वरिष्टजन को रुचिकर लगे…

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हर सीजन का अपना महत्व है और उस सीजन से जुड़े त्यौहार या खेलों का अपना महत्व | हर कोई सीजन के त्योहार या खेलों के रंगों में रंगा होता है, हर कोई उसी विषय में चर्चा कर रहा होता है, किसी और विषय में…

राजनैतिक पार्टियाँ जनहितों को ध्यान में रखकर नेता नहीं चुनती, यह देखकर चुनती हैं कि किस नेता से जनता डरती है, किसके पास गुंडे-मवालियों की सेना अधिक है और कौन सा नेता पार्टी को अधिक से अधिक आर्थिक लाभ पहुंचाता है | फिर चाहे वह…