गुल्लू ढोलकिया को इतिहास में बहुत ही रूचि थी इसलिए वह बचपन से ड्रैगन, डायनासौर आदि के कॉमिक्स पढ़ता रहता था | जब भी कहीं इतिहास से सम्बंधित कोई बात होती वह बहुत ही ध्यान से सुना करता था | उसके घर में एक पुरानी…

कई हज़ार साल पुरानी बात है | चुनमुन परदेसी बहुत ही उदास था और बहुत ही गुस्से में भी | लोगों ने कारण पूछा कि क्या हुआ तो वह चिडचिडे अंदाज में बोला, “अरे तुम क्या जानो क्या हुआ, तुम लोग तो नाचो गाओ, ख़ुशी…

गुल्लू ढोलकिया को इतिहास में बहुत ही रूचि थी इसलिए वह बचपन से ड्रैगन, डायनासौर आदि के कॉमिक्स पढ़ता रहता था | जब भी कहीं इतिहास से सम्बंधित कोई बात होती वह बहुत ही ध्यान से सुना करता था | उसके घर में एक पुरानी…

कई हज़ार साल पुरानी बात है | चुनमुन परदेसी बहुत ही उदास था और बहुत ही गुस्से में भी | लोगों ने कारण पूछा कि क्या हुआ तो वह चिडचिडे अंदाज में बोला, “अरे तुम क्या जानो क्या हुआ, तुम लोग तो नाचो गाओ, ख़ुशी…

एक बहुत पुराना वृक्ष था | आकाश में सम्राट की तरह उसके हाथ फैले हुए थे | उस पर फूल और फल आते थे तो दूर-दूर से पक्षी सुगंध लेने आते थे, तितलियाँ मंडराती थीं | उसकी छाया, उसके फैले हाथ हवाओं में, उसका उसका…

चुन्नुमल घुन्घुनियाँ एक बहुत ही प्रतिष्ठित व्यापारी थे | देश विदेश में उनका व्यापार फैला हुआ था | करोंड़ों का लेन देन चलता था उनका | व्यस्त इतने रहते थे कि आँख खुलते ही काम पर लग जाते और आँख बंद होने तक काम करते…

एक दिन मुल्ला बगदाद की गलियों से गुजर रहे थे। प्रायः वे गधे पर और वह भी उलटे बैठकर सवारी किया करते थे। और कहने की जरूरत नहीं कि उनका यह तरीका ही लोगों को हंसाने के लिए पर्याप्त था। खैर, उस दिन वे बाजार…

एक दिन मुल्ला बगदाद की गलियों से गुजर रहे थे। प्रायः वे गधे पर और वह भी उलटे बैठकर सवारी किया करते थे। और कहने की जरूरत नहीं कि उनका यह तरीका ही लोगों को हंसाने के लिए पर्याप्त था। खैर, उस दिन वे बाजार…

तो गुल्लू की प्रिंटिंग प्रेस की दूकान शुरू हो गयी धूम-धाम से | दूर दूर से लोग आने लगे गुल्लू के पास डिग्री बनवाने और गुल्लू की डिग्री की विशेषता थी कि वह इतनी आकर्षक होती थी कि लोग देखते रह जाते थे | जिस…

मुल्ला नसीरुद्दीन के दोस्त जमाल बहुत दिनों बाद उनसे मिलने पहुंचे। दोस्त से मिलकर मुल्ला बहुत खुश हुए। उन्होंने जमाल से कहा, चलो, बाहर घूम आते हैं। जमाल ने कहा, नहीं, मेरे कपड़े अच्छे नहीं हैं। ऐसे में बाहर जाकर लोगों से मिलना नहीं चाहता।…

मुल्ला नसीरुद्दीन के दोस्त जमाल बहुत दिनों बाद उनसे मिलने पहुंचे। दोस्त से मिलकर मुल्ला बहुत खुश हुए। उन्होंने जमाल से कहा, चलो, बाहर घूम आते हैं। जमाल ने कहा, नहीं, मेरे कपड़े अच्छे नहीं हैं। ऐसे में बाहर जाकर लोगों से मिलना नहीं चाहता।…

एक लेखक ने क्या खूब लिखा है  एक दुकान में खरीददारी कर रहा था,तभी मैंने उस दुकान के कैशियर को एक 5-6साल की लड़की से बात करते हुए देखा | कैशियर बोला :~“माफ़ करना बेटी,लेकिन इस गुड़िया को खरीदने के लिएतुम्हारे पास पर्याप्त पैसे नहीं…