भाग्य

मैं ऐसे लोगों से दूरी बना लेता हूँ जो केवल दूसरों की बुराई करने में ही अपना जीवन नष्ट करते हैं | मैं ऐसे लोगों से भी दूरी बना लेता हूँ, जो दिन रात अभावों, आर्थिक तंगी का रोना लिए बैठे रहते हैं | क्योंकि ऐसे लोग अपने ही भाग्य के दुश्मन होते हैं और ऐसे लोगों की संगत, आपके अपने भाग्य को प्रभावित करती है

मेरे एक मित्र श्री D.r. Godara जी ने इस पुस्तक के विषय में जानकारी दी और मुझसे अपनी राय व्यक्त करने का आग्रह किया | मैंने पुस्तक के कुछ अंश पढ़े, लेकिन पूरी नहीं पढ़ी | फिर भी मैं इतना तो समझ ही चुका था कि पुस्तक के लेखक गोकुलजी, बहुत ही सुलझे विचारों वाले, पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं |

न तो कोई स्त्री अधिक समय तक अच्छी लगती है भले ही कितनी सुंदर क्यों न हो, न ही कोई रिश्ते अच्छे लगते हैं | बस वही लोग अच्छे लगते हैं, जिनके सामने आपको मुखौटा लगाकर न रहना पड़े

बाघ बिल्ली प्रजाति का सबसे बड़ा जानवर है. वयस्क बाघ का वजन 300 किलोग्राम तक हो सकता है. WWF के मुताबिक एक बाघ अधिकतम 26 साल तक की उम्र तक जी सकता है. बाघ शिकार करने के लिए बना है. उनके ब्लेड जैसे तेज पंजे,…

“जो धर्म, सम्प्रदाय और पंथ सहयोगी न हो, जो धर्म, सम्प्रदाय और पंथ द्वेष की भावना जागृत करता हो, जो धर्म निर्दोषों की हत्या और स्त्रियों पर अत्याचार करवाता हो, वह मानवीय धर्म तो ही ही नहीं सकता |” ~विशुद्ध चैतन्य

दुनिया को यदि सुधरना होता तो तभी सुधर जाती, जब श्रीकृष्ण ने समझाया था अट्ठारह दिनों तक और वह भी युद्ध के मैदान में | उस युद्ध के बाद बहुत ही कम लोग बचे तो और वे सभी श्रीकृष्ण से परिचित रहे होंगे | उन्होंने…

सुप्रभात शुभ आत्मन | आप सभी के लिए आज का दिन मंगलमय हो ! कहते हैं कि ज्ञान हमें विनम्र बनाता है | कहते हैं कि धर्म हमें अहंकार से मुक्त होने में सहायक होता है व सभी के लिए प्रेम का भाव उत्पन्न करता…

अक्सर जब बात होती है हक़ की तो कहा जाता है कि मांगने से नहीं मिलता, छीनना पड़ता है | जब छीनने की परंपरा पर हम अपना पैर रख देते हैं तो कल कोई हमसे छीन लेगा क्योंकि हम उसी की कड़ी में हैं |…

“कभी कभी सोचता हूँ कि क्यों सोचता हूँ …??? जीवन के दो पहलू हैं और जीवन सभी तो जी ही रहें हैं | किसको किसकी चिंता है ? साधना करना कहीं व्यक्तिगत है तो कहीं व्यवसाय है | भीख माँगना कहीं विवशता है तो कहीं…

कई हज़ार साल पहले की बात है | एक दिन एक विश्वविख्यात ज्योतिष मेरे पास आया और बोला कि बाबा आप कई हज़ार वर्षों से तपस्या कर रहें हैं इसलिए आपसे मिलने चला आया | आपने इतने वर्षों में कई सिद्धियाँ प्राप्त की होंगी ?…

प्रकृति ने एक व्यवस्था बनाई और सभी कुछ विशेष कार्य सौंपे | जैसे कि जड़ का काम है वृक्ष को स्थिरता प्रदान करना व जल व अन्य खनिजों की पूर्ति करना, पत्तियों का काम है श्वसन व जड़ को छाया प्रदान करना | स्त्री कोमलता…