जो मूल निवासी नहीं होते, वे अपने खेत बेच देते हैं नौकरी के लालच में, गाड़ी, बंगला कोठी के लालच में और गुलाम बन जाते हैं जीवन भर के लिए उनके जो मूल निवासी नहीं हैं |

“चैतन्य जी, ये हमें कैसे पता चलेगा कि इस दुनिया में हम किस उद्देश्य के लिए आये हैं, जैसे की मै अपनी ही बात करता हूँ, मेरी पढाई मेरे ही काम नही आ रही..कोचिंग पढ़ाने के बहुत प्रयास किये..असफल रहा..और भी कोशिश की कोई जुगाड़…

 जीवन के अंतिम पड़ाव में अंतिम घड़ी की प्रतीक्षा में बैठे लोग ही अध्यात्म में रूचि लेते हैं क्योंकि अब कुछ और करने लायक रह ही नहीं गये | नाती-पोते हो गये, गंभीरता दिखानी ज़रूरी हो गयी नहीं तो समाज क्या कहेगा… आदि इत्यादि |…

उलझा दिया समाज को सम्प्रदायों और पंथों को धर्म का नाम देकर | आज युवाओं के मन में यह प्रश्न रह रह कर उठता है कि हिन्दू धर्म और सनातन धर्म में क्या अंतर है ? कई बार मुझसे पूछा गया कि आप भगवा भी…

जब से अंग्रेजी सीख ली, किसान ही भूखे मरने लगे | लोग खेत छोड़कर नौकरी करने लगे | पूरे विषय को वस्त्र उपलब्ध करवाने वाले भारतीय खुद चीथड़ों में घुमने लगे… क्यों ? इतनी सारी डिग्रियाँ, इतनी महँगी-महँगी पढ़ाई का लाभ क्या हुआ ? क्यों हम भारतीय अपने ही देश की भूमि और पानी बचा पाने में असफल हो गये ?

पृथ्वी से लगभग चालीस प्रकाश वर्ष दूर दो ऐसे ग्रहों का पता लगा है, जिसमें जीवन होने का अनुमान है | अब आप लोग यह बताइये कि आप में से कितने लोग उनमें से किसी एक में जाने के योग्य हैं ? जमीन, खेत, जंगल,…

प्रश्न: आपके अनुशार ””’मोक्ष”’ केसे परिभिषित किया जा सकता है ? मोक्ष का मेरे अनुसार परिभाषा बनती है संतुलन | जब हम भौतिक जगत में होते हैं तो यह समझाया जाता है कि मोक्ष भौतिक जगत छोड़ने पर मिलेगा, लेकिन जब शरीर छूट जाता है…

प्रश्न: आपके अनुशार ””’मोक्ष”’ केसे परिभिषित किया जा सकता है ? मोक्ष का मेरे अनुसार परिभाषा बनती है संतुलन | जब हम भौतिक जगत में होते हैं तो यह समझाया जाता है कि मोक्ष भौतिक जगत छोड़ने पर मिलेगा, लेकिन जब शरीर छूट जाता है…

आज सुबह सुबह जो महत्वपूर्ण प्रश्न मुझे मैसेज बॉक्स में मिला, उसका उत्तर सार्वजनिक रूप से देना ही मुझे बेहतर लगा | प्रश्न: Sir ji,मेरे जीवन में कुछ सवाल हैं, पता नहीं मुझे पूछना चाहिए या नहीं ? मानव जीवन में धर्म क्यों जरुरी है…

आज सुबह सुबह जो महत्वपूर्ण प्रश्न मुझे मैसेज बॉक्स में मिला, उसका उत्तर सार्वजनिक रूप से देना ही मुझे बेहतर लगा | प्रश्न: Sir ji,मेरे जीवन में कुछ सवाल हैं, पता नहीं मुझे पूछना चाहिए या नहीं ? मानव जीवन में धर्म क्यों जरुरी है…

सवाल – मैं 14 साल की उम्र से ही मैस्टरबेशन का रहा हूं। अब मैं 24 साल का हूं। जब मैंने मैस्टरबेशन करना शुरू किया था तब क्लाईमैक्स पर पहुंचने पर ज्यादा मात्रा में सीमेन निकलता था, लेकिन अब यह काफी कम हो गया है।…

सवाल – मैं 14 साल की उम्र से ही मैस्टरबेशन का रहा हूं। अब मैं 24 साल का हूं। जब मैंने मैस्टरबेशन करना शुरू किया था तब क्लाईमैक्स पर पहुंचने पर ज्यादा मात्रा में सीमेन निकलता था, लेकिन अब यह काफी कम हो गया है।…