आतंकवाद की घटना निश्चित रूप से उस सबसे जुडी़ है , जो समाज में हो रहा है। समाज बिखर रहा है। उसकी पुरानी व्यवस्था , अनुशासन, नैतिकता, धर्म सब कुछ गलत बुनियाद पर खडा़ मालूम होता है। लोगों की अंतरात्मा पर अब उसकी कोई पकड़…

Image Source: पत्थरबाज

ईसाई और इस्लामिक समाज में पुनर्जन्म की अवधारणा नहीं है | उनके हिसाब से इन्सान का केवल एक ही जन्म होता है | लेकिन वे रूह यानि आत्मा पर विश्वास अवश्य करते हैं और मानते हैं कि इंसान की मौत के बाद रूह भटकती रहती…

Image Source: Beyond Death

यह एक ऑरेंज यानी भगवा रंग का जैकेट है । यह उतना ही भगवा है, जितना धार्मिकों में धार्मिकता | जितना सत्य व न्याय के प्रति धार्मिकों की निष्ठा | बिल्कुल इसी तरह धार्मिकता, सत्य व न्याय, प्रेम, सहयोगिता से रंगा हुआ होता है हिंदुत्व…

Image Source: Riot

ईश्वर की भक्ति भिन्न भिन्न प्रकार से की जाती हैं, जैसे कि पूजा, प्रार्थना, कीर्तन, भजन, आरती, ध्यान, नमाज….आदि | ईश्वर की भक्ति पुर्णतः व्यक्तिगत विषय है और ईश्वर से संपर्क बनाने का एक माध्यम | भक्ति भाव और भावनाओं पर आधारित है और ईश्वर…

Image Source: Meditation

बचपन में जब किसी से मेरा झगड़ा हो जाया करता था, और गलती मेरी न भी होती तब भी मैं ही पिटता था | ऐसी ही एक घटना बताता हूँ आज: मुझे ही नहीं मेरे सभी भाई बहनों को पुस्तकें पढ़ने का बहुत ही बुरा…

Image Source: Father and Son

कुम्भमेला का बहुत ही महत्व है और विशेषकर मौनी अमावस्या स्नान का | एक धारणा बना दी गयी है कि मौनी अमावस्या के स्नान से अश्वमेघ यज्ञ से दोगुना फल प्राप्त होता है | उसपर गंगा स्नान से सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है…

भक्ति दौलत की मेहनत की लूट सबसे ख़तरनाक नहीं होतीपुलिस की मार सबसे ख़तरनाक नहीं होतीगद्दारी, लोभ की मुट्ठीसबसे ख़तरनाक नहीं होती बैठे बिठाए पकड़े जाना बुरा तो हैसहमी सी चुप्पी में जकड़े जाना बुरा तो हैपर सबसे ख़तरनाक नहीं होती सबसे ख़तरनाक होता हैमुर्दा…

Image Source: Naga Sadhu

सिवाय किताबी धार्मिकों व धर्मगुरुओं के सभी दार्शनिक व अध्यात्मिक गुरु यही कहते हैं, कि “स्वयं को जानो”, “स्वयं को समझो”, “स्वयं के विवेकानुसार निर्णय लो” | लेकिन कम ही लोग दुनिया में ऐसे होते हैं जो स्वयं की सुनते हैं | जानने समझने की…

बड़े गर्व से कहते सुनता हूँ लोगों से, “हम तो फलाने के भक्त हैं…..हम तो फलाने के अनुयायी हैं….!” लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आप वास्तव में भक्त या अनुयायी हैं भी या नहीं ?? चलिए मान लेते हैं कि आप किसी नेता…

दैत्य, दानव, पिशाच आदि उन्हें कहा जाता है, जिनके पास असीम शक्तियाँ होती हैं | अर्थात सत्ता और पुलिस जिनके सामने नतमस्तक रहती है

पढ़े-लिखों ने जितनी क्षति सृष्टि को पहुंचाई है विकास के नाम पर, उतनी किसी भी जीव जंतु या आदिवासियों ने नहीं पहुँचाई |

रिलीजन कभी भी धर्म नहीं हो सकता, क्योंकि प्रत्येक रिलीजन में भले और बुरे लोग होते हैं | रिलिजन केवल मिश्रित समूह है भयभीत व स्वार्थी अच्छे व बुरे लोगों का |