यह एक ऑरेंज यानी भगवा रंग का जैकेट है । यह उतना ही भगवा है, जितना धार्मिकों में धार्मिकता | जितना सत्य व न्याय के प्रति धार्मिकों की निष्ठा | बिल्कुल इसी तरह धार्मिकता, सत्य व न्याय, प्रेम, सहयोगिता से रंगा हुआ होता है हिंदुत्व…

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सामान्यतः यही माना जाता है कि स्वच्छता और पवित्रता परस्पर पर्यायवाची शब्द हैं, जबकि ऐसा नहीं हैं | दोनों में बहुत अंतर है | स्वच्छता वास्तव में बाह्य मैल, कूड़ा-करकट व विचारों से मुक्ति को कहा जाता है | जैसे स्थान की स्वच्छता, शरीर की…

बड़े गर्व से कहते सुनता हूँ लोगों से, “हम तो फलाने के भक्त हैं…..हम तो फलाने के अनुयायी हैं….!” लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आप वास्तव में भक्त या अनुयायी हैं भी या नहीं ?? चलिए मान लेते हैं कि आप किसी नेता…

पढ़े-लिखों ने जितनी क्षति सृष्टि को पहुंचाई है विकास के नाम पर, उतनी किसी भी जीव जंतु या आदिवासियों ने नहीं पहुँचाई |

रिलीजन कभी भी धर्म नहीं हो सकता, क्योंकि प्रत्येक रिलीजन में भले और बुरे लोग होते हैं | रिलिजन केवल मिश्रित समूह है भयभीत व स्वार्थी अच्छे व बुरे लोगों का |

कम से कम कोई एक ग्रन्थ तो ऐसा है भारत में जिसके दाह-संस्कार से दो परस्पर विरोधी एकमत होकर खुश होते हैं

हज़ार वर्ष पहले जिस प्रकार ऐसी ही मानसिकता के लोगों ने देश को विदेशियों के हाथों बेच दिया, उन्हें समर्थन देकर क्या आप पुनः यह सिद्ध करना चाहते हैं कि हिन्दुओं के पास बुद्धि-विवेक का आभाव है ?

worse plight

जैन तो अहिंसा, सात्विकता व सदाचार के परम समर्थक व प्रचारक हैं, तो फिर मुनि तरुण सागर के मृत देह के साथ ऐसी क्रूरता क्यों और कैसे हो गयी ?

चूँकि अधिकाँश मानव प्रजाति सेक्स कुंठा से ग्रस्त है, और सभी को सही समय पर इसका अनुभव नहीं मिल पाता या योग्य साथी नहीं मिल पाता, इसलिए सेक्स विश्व का सबसे प्राचीन व शायद प्रथम व्यवसाय बना

वे भी सब चिल्लाने लगे कि ये देशद्रोही है, पाकिस्तानी है…और संन्यासी की तरफ लाठी, डंडा लेकर दौड़ पड़े

कोई एक व्यक्ति किसी का आदर्श केवल इसलिए हो जाता है, क्योंकि वह स्वयं भीतर से आदर्श व्यक्ति का कुछ गुणधर्म लेकर चलता है | अंगुलिमाल भले ही सब के लिए खतरा रहा हो, लेकिन बुद्ध से मिलने के बाद पहली बार उसका स्वयं से…