शम्स तबरेज का पूरा नाम हज़रत मुहम्मद बिन मलिक-दाद मुलक्कब ब-शेख शम्सुद्दीन तबरेजी था | मौलाना रूम का नाम आते ही खुद ब खुद शम्स तबरेज का नाम भी उसमें जुड़ जाता है | शम्स हर वक़्त पर्यटन करते रहते थे , एक शहर से…

“सलाम,  “जनाब एक सवाल था , क्या गरीबी पूंजीवाद का एक महत्वपूण अंग है ??? मैंने कार्ल मार्क्स के कुछ विचार देखे है “YouTube” पर , जिसमे एक बात पे ज़ोर दिया गया है “गरीबी नसीब नहीं बल्कि एक साज़िश है” ! समय मिले तो…

रोम के एक इतिहासकार वलेरियस मैक्सिमस ने अपनी किताब Factorum Ac Dictorum Memorabilium में सदियों पहले एक घटना दर्ज की है. ये घटना नैतिकता के विपरीत होते हुए भी मानवीय मूल्यों पर खरी उतरती है. इसीलिए उसने इसे महान पुण्यशीलता या रोमन सम्मान का नाम…

सोचा था कि दलितों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाऊंगा, सोचा था कि मुस्लिमों में जो गरीब व शोषित हैं उनके लिए आवाज उठाऊंगा, सोचा था कि हिन्दुओं में जो शोषित वर्ग हैं उनके लिए आवाज उठाऊंगा….. लेकिन मैं होता कौन हूँ आवाज…

अब हत्याओं के लिए किराए के हत्यारों का चलन है क्योंकि शाकाहारी और धार्मिक लोग खुद हत्या नहीं कर पाते और ये सभी हत्यारे माँसाहारी ही होते हैं |

यदि आपकी आँखें धर्म के ठेकेदारों, स्वार्थी नेताओं और रिश्तेदारों के इशारे पर खुलती व बंद होती हैं, तो आप स्वयं की शक्तियों से अपरिचित हैं और आप कठपुतली का जीवन जी रहें हैं ।