किसी की नजर में मुफ्तखोर तो किसी की नजर में हरामखोर तो किसी की नजर में समाज और देश पर बोझ होते हैं संन्यासी

यदि आपकी मान्यताओं व धारणाओं के विरुद्ध कोई हो, तब उसके विचार या व्यक्तित्व कितने ही अच्छे क्यों न हों, कितने ही कल्याणकारी क्यों न हों, आपको प्रभावित नहीं कर पाएंगे

ये नेता तो अपने ही सम्प्रदायों के शोषितों पीड़ितों की कोई सहायता नहीं कर पाते तो राष्ट्र की चिंता भला कहाँ से कर पाएंगे ?

सनातनी होने का आनन्द तो अब आ रहा है जब देखता हूँ कि शाकाहारी समाज, माँसाहारी समाज, हिन्दू समाज, मुस्लिम समाज, संघी समाज, मुसंघी समाज, मोदीवादी समाज, अम्बेडकरवादी समाज, गोडसे उपासक, मोदी उपासक, अम्बेडकर उपासक, साकार उपासक, निराकार उपासक….है भगवान अनगिनत समाज हैं दुनिया में…

सबसे पहले तो यह स्पष्ट कर दूं कि सनातन धर्म का कोई समानान्तर धर्म नहीं है | अर्थात जो युनिवर्सल अर्थात सार्वभौमिक है, वह साम्प्रदायिकता पर आधारित धर्मों का समानांतर हो ही नहीं सकता

कम से कम कोई एक ग्रन्थ तो ऐसा है भारत में जिसके दाह-संस्कार से दो परस्पर विरोधी एकमत होकर खुश होते हैं

बीबीसी न्यूज़ की एक हेडिंग; चीन की ऐसी ‘जेल’ जहां बंद हैं दस लाख मुसलमान? पर नजर पड़ी तो सहसा ही स्क्रोल करते-करते ठहर गया. पूरा लेख पढकर और कुछ खोजबीन की तो और भी कई लेख मिले इसी विषय से सम्बंधित | उन्हें भी…

मैं सनातनी हूँ इसलिए साम्प्रदयिक संकीर्णताओं से मुक्त हूँ । मैं जिस विराट रूप में विश्व को देख व समझ पाता हूँ, उस रूप में कोई किताबी धार्मिक या दड़बों में कैद धार्मिक नहीं देख पाता । उनकी दुनिया तो उनके अपने दड़बे में ही सिमट कर रह जाती है ।गें

वे भी सब चिल्लाने लगे कि ये देशद्रोही है, पाकिस्तानी है…और संन्यासी की तरफ लाठी, डंडा लेकर दौड़ पड़े

कोई एक व्यक्ति किसी का आदर्श केवल इसलिए हो जाता है, क्योंकि वह स्वयं भीतर से आदर्श व्यक्ति का कुछ गुणधर्म लेकर चलता है | अंगुलिमाल भले ही सब के लिए खतरा रहा हो, लेकिन बुद्ध से मिलने के बाद पहली बार उसका स्वयं से…

बचपन में फ़कीर या संन्यासी की रूपरेखा जो मेरे मन बस गयी थी, वह कुछ वैसा था जो सदैव प्रसन्नचित रहता है, हँसता, गाता, नाचता अपनी धुन में मगन रहता है | जब भी उनकी कोई तस्वीरें देखता तो ऐसा लगता था कि उनके जीवन…

अक्सर हम सुनते हैं कि धर्म खतरे में हैं | गली मोहल्लों से लेकर विश्वस्तर पर धर्म रक्षक बने लुच्चे लफंगों की सेनाएं तैनात हो रहीं हैं | हर किताबी रट्टामार धार्मिक इस बात पर बहुत ही गंभीरता से विश्वास करता है कि धर्म खतरे…