पढ़ा लिखा व्यक्ति केवल उतना ही जानता है जो पढ़ाया-लिखाया जाता है

कई हज़ार साल पुरानी बात है… मैं भी आप लोगों की तरह ही पढ़ा लिखा हुआ करता था | मैं भी पिज़्ज़ा, बर्गर और चाउमीन पर जिन्दा र…
Posted by विशुद्ध चैतन्य on Friday, 26 September 2014

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