खतरा अभी टला नहीं है

नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप का असर भारत की नॉर्दर्न बेल्ट के कई शहरों में महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 आंकी गई। विशेषज्ञों की बात मानें तो खतरा अभी टला नहीं है। नॉर्दर्न बेल्ट में भूकंप आते ही रहेंगे।

शनिवार को नेपाल में फ्रंटल थ्रस्ट के पास बने प्रेशर से झटका लगा, जिसे दून स्थित वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान की हर ऑब्जरवेटरी में रिकॉर्ड किया गया है। विशेषज्ञ चेताते हैं कि लोग भूकंपों के साथ जीना सीखें तो बेहतर होगा।

रिक्टर पैमाना और आब्जर्विंग इफेक्ट

0-1.9- सीस्मोग्राफ से ही पता चलता है

2-2.9- हल्का कंपन

3-3.9- कोई ट्रक नजदीक से गुजरे

4-4.9- खिड़कियां टूट सकती हैं, दीवार से फ्रेम गिर सकते हैं

5-5.9- फर्नीचर हिल सकता है

6-6.9- इमारतों की नींव दरक सकती है, ऊपरी मंजिल को नुकसान संभव

7-7.9- इमारतें गिर सकती हैं, जमीन फट सकती है

8-8.9- इमारतों सहित बड़े पुल गिर सकते हैं

9 से अधिक- पूरी तरह तबाही

एनडीएमए बता चुका 38 शहर संवेदनशील
भूकंप की दृष्टि से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकरण (एनडीएमए) देश के 38 शहरों को संवेदनशील करार दे चुका। चार साल पहले आई एक रिपोर्ट की मानें तो इसमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई केसाथ ही हैदराबाद, दून जैसे शहर भी शामिल हैं।

यूं करें बचाव
भूकंपरोधी इमारतों का निर्माण जरूरी हो
भूकंप महसूस होते ही खुले में निकल जाएं
चौखट या बड़ी मेज के नीचे शरण लें
विशेषज्ञों से भूकंप बचाव की तकनीक सीखें

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