सीमेन की मात्रा घट जाना कोई बीमारी नहीं है |

सवाल – मैं 14 साल की उम्र से ही मैस्टरबेशन का रहा हूं। अब मैं 24 साल का हूं। जब मैंने मैस्टरबेशन करना शुरू किया था तब क्लाईमैक्स पर पहुंचने पर ज्यादा मात्रा में सीमेन निकलता था, लेकिन अब यह काफी कम हो गया है। क्या यह किसी बीमारी की वजह से है?

जवाब – पहले आप यह समझ लें कि जिसे आप सीमेन समझ रहे हैं उसमें स्पर्म का हिस्सा काफी कम होता है। स्पर्म की मात्रा 0.1 से 1 फीसदी तक हो सकती है, बाकी का लिक्विड सेमिनल वेसिकल्स और प्रोस्टेट से बनता रहता है। इसका बनना ज्यादातर पुरुष हॉर्मोन पर निर्भर करता है। पुरुष हॉर्मोन 14-16 की उम्र तक सबसे ज्यादा मात्रा में बनते हैं और उसके बाद धीरे-धीरे उसमें कमी आती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे सीमेन की मात्रा थोड़ी कम होती है और रंग सफेद से पीलापन लिए हुए हो जाता है। सीमेन के गाढ़ेपन में भी कमी आ जाती है। यह नॉर्मल प्रक्रिया है, बीमारी नहीं।

सीमेन के पतले, पीले या कम होने से पुरुष की मर्दानगी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। सीमेन का बनना पूरे जीवन चलता रहता है। अगर नॉर्मल तरीके से सीमेन बढ़ाना चाहते हैं तो खुराक में उड़द की दाल शामिल करें। हफ्ते में 2 दिन, 2 कटोरी उड़द की दाल गाय के घी में हींग और लहसुन का तड़का लगा कर लेने से सीमेन की मात्रा में काफी इजाफा होता है और पतलापन भी दूर होता है। कुछ जानकारों का मानना है कि रात को सोने से पहले 2 चम्मच साबुत मेथी गुनगुने पानी के साथ निगलने से भी पुरुष हॉर्मोन और सीमेन की मात्रा में इजाफा होता है।

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प्रकाश कोठारी, सेक्सॉलजिस्ट

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