मेरी अनपढ़ बुद्धि जो समझ रही है वह व्यक्त कर रहा हूँ

मित्रों बुरा मत मानियेगा कि मैं आज यह ऐसा पोस्ट डालने जा रहा हूँ जो सतयुगी सन्यास धर्म और आध्यात्म के विरुद्ध है | क्योंकि मैं कलियुगी सन्यासी हूँ |

अधार्मिक पोस्ट पढ़ने में यदि रूचि हो तभी आगे पढ़ें… धार्मिक लोग दूर रहें…..

पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल बच्चा |

पाक‌ ने बच्चों को बनाया गोली का निशाना | गोलाबारी से एक दर्जन रिहायशी मकानों को नुकसान पहुंचा और दो मवेशियों, एक पालतू कुत्ते की मौत हो गई, दो मवेशी बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। कई महिलायें, पुरुष व जवान भी घायल हुए ….. (आज का समाचार )

अब मैं नहीं जानता कि राजनीति, नेता और नफरत के सौदागरों की राय क्या है इस घटना पर, लेकिन यहाँ मेरी अनपढ़ बुद्धि जो समझ रही है वह व्यक्त कर रहा हूँ | कृपया पढ़े-लिखे और शास्त्रों के ज्ञाता पोस्ट से दूरी बनाये रखें |

पाकिस्तान की बौखलाहट झलक रही है हाल ही की कुछ घटनाओं पर यदि ध्यान दें तो | जैसे कोस्टगार्ड द्वारा पीछा करने पर एक पाकिस्तानी नाव सवार लोगों ने अपने ही नाव में विस्फोट कर लिया | लेकिन यदि वे अपने मकसद में कामयाब हो जाते तो सोचिये क्या होता ? फिर आये दिन सीमा में उपद्रव करते पाकिस्तानी आर्मी….. यह सब कुछ विशेष सन्देश दे रहे हैं |

पहला सन्देश तो यह कि वे हतोत्साहित हो चुके हैं और अब आशा खोने लगे हैं कि उनका सपना पूरा होगा | और दूसरा कारण है कि उनके पाले नफरतों के सौदागरों का प्रभाव अब कम होने लगा है | अब मुस्लिम भी समझने लगे हैं कि पाकिस्तानी नहीं, भारतीय मुस्लिम हैं और नफरत फैलाने वालों का बहिष्कार करना ही भारतीयता है | हिन्दू भी समझ चुके हैं कि नफरत के बीज बोने वाले जनता व राष्ट्र के हित के लिए नहीं, केवल राजनीति के लिए यह सब करते हैं | पाकिस्तानी मुस्लिम भी अब सरकार की चाल को समझ चुकी है क्योंकि उनके अपने लोगों को भी उनके अपने ही पाले साँप डंसने लगे हैं |

तो अब भारतीय हिन्दू और मुस्लिम आपस में फिर पहले की तरह एक होने लगे हैं और एक राष्ट्र भारत के सपने को पूरा करने के अभियान में जुट गये हैं | जैसे जैसे नफरत फैलाने वालों के जहर का असर कम होता जाएगा, पाकिस्तान तो क्या अमेरिका भी जानता है कि फिर दुनिया की कोई ताकत भारत की और आँख नहीं उठा पाएगी | अभी तो उनके एजेंट जो भारत में हिन्दू और मुस्लिम भेष में आपस में फूट डलवा रहे हैं, उनके दिए ज़हर के कारण भारत कमजोर हुआ पड़ा था और आपस में ही लड़ मरकर दुश्मन देशों की गोलियां बचा रहे थे | लेकिन अब लोग आपस में फिर एक होने लगे हैं…..

हो सकता है मैं गलत होऊं, लेकिन मेरी आत्मा कहती है कि मेरी अनपढ़ बुद्धि सही समझ रही है | बाकी आप लोग पढ़े-लिखे और विद्वान् भी हैं तो आप लोग अधिक जानते होंगे | -विशुद्ध चैतन्य

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