सनातनी (सेक्युलर) राष्ट्र के बजाय हिन्दू या मुस्लिम, राष्ट्र ही क्यों चाहिए ?

क्योंकि ईश्वरीय किताबों पर आधारित राष्ट्र होने से ईश्वर स्वयं नागरिकों के हित का ध्यान रखते हैं और सरकारों को जनता की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं रहती | जिनको समस्या हो, वह सरकार से शिकायत या सहायता माँगने की बजाय सीधे मंदिर या मस्जिद जाकर मांग लेता है | इससे देश में सुख शान्ति बनी रहती है और सरकार पर कोई आरोप भी नहीं लगता कि वह जनता का ध्यान नहीं रख रही |

लेकिन जब मिश्रित (मार्क्सवादी, नास्तिक) या सनातनी (सर्वधर्म समभाव, सेक्युलर) राष्ट्र हो तो बहुत समस्या हो जाती है | सारी जवाबदेही सरकार पर आ जाती है | कहीं सूखा पड़ जाए और लोग मरने लगें तो सरकार को कोसने लगते हैं | कहीं किसान आत्महत्या कर ले, तो सरकार को कोसने लगते है, कहीं घोटाला हो जाए तो सरकार को कोसने लगते हैं, विजय माल्या भाग जाए तो सरकार को कोसने लगते हैं, महँगाई बढ़ जाए तो सरकार को कोसने लगते हैं, दंगा भड़क जाए तो सरकार को कोसने लगते हैं…..अरे सरकार ये सब देखेगी या सरकारी कामकाज देखेगी ? सरकार चलाना क्या कोई आसान काम है ? रात को ठीक से नींद नहीं आती कि कहीं झपकी लग गई तो कोई कुर्सी ही न ले उड़े | सबके सो जाने के बाद सोना पड़ता है और किसी के भी उठने से पहले उठना पड़ता फिर किसी के भी दफ्तर पहुँचने से पहले पहुँचना पड़ता है और सबके जाने के बाद जाना पड़ता है कि कहीं कोई कुर्सी पर कब्ज़ा न जमा ले….विपक्ष गिद्ध दृष्टि लगाए बैठा रहता है कब मौका मिले और कुर्सी छीन लें | फिर पूरी दुनिया का भ्रमण भी करना होता है, बड़े बड़े लोगों से मिलना होता है, बड़े बड़े बिजनेस डील साइन करने होते हैं, बड़े बड़े लोगों से हाथ मिलाना पड़ता है…… उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ अब क्या समझाएं कि कितनी सरदर्दी है सरकार चलाना…..
इसलिए अगर हिन्दू राष्ट्र बन जाए तो मंदिर बनवा देंगे राम जी का | राम जी सबसे बेहतर राजा थे… इसलिए यदि उनका मंदिर बन गया तो राम जी को भी इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा और जनता को भी अपनी शिकायतों के लिए दरबदर सरकारी दफ्तरों में नहीं भटकना पड़ेगा | अदालतों में भी न्याय पाने के लिए दौलतमंद होना बहुत जरुरी होता है, क्योंकि न्याय बहुत महँगा हो गया है, हर किसी किसी के बस की बात नहीं है न्याय खरीदना | मंदिर बन जाएगा तो सीधे राम के दरबार में जाकर न्याय पा सकते हैं | श्री राम तो अपने न्याय के लिए बहुत प्रसिद्द हैं और तुरंत न्याय भी देते हैं, हमारे जजों की तरह नहीं कि दस दस पन्द्रह-पन्द्रह साल तक यही फैसला नहीं कर पाते कि गलत कौन और सही कौन | जबकि इनके पास श्री राम से भी बड़ी बड़ी डिग्रियां हैं और कईयों के पास तो विलायती डिग्रियाँ हैं | लेकिन श्री राम महान हैं, बिना कान्वेंट स्कूल गये, बिना विलायती डिग्रियों के भी निष्पक्ष न्याय कर देते हैं और वह भी तुरंत बिना कोई फीस लिए |

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बारिश न हो तो सरकार क्या कर सकती है, वह तो भगवान् के हाथ में है….तो लोग मंदिर में जाकर भगवान से बारिश के लिए प्रार्थना कर सकते हैं | गरीबी भुखमरी… सब इनके पिछले जन्मों के कर्म है… इसमें सरकार क्या कर सकती है ? तो मंदिर में जाकर अपनी गलतियों के लिए माफ़ी मांग लें, भगवान् बड़ा दयावान है…. तुरंत माफ़ भी कर देंगे और इनकी गरीबी भी दूर हो जायेगी…..

बस इसलिए हिन्दूराष्ट्र ही होना चाहिए और रामजी का मंदिर हर हाल में बनना चाहिए, तभी देश से गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी, दंगा-फसाद, नफरतों का कारोबार, धर्म का कारोबार, दलितों पर अत्याचार, जातिगत राजनीति… आदि समाप्त हो सकता है |

अब पाकिस्तान को ही देख लीजिये, बांग्लादेश को ही देख लीजिये… वहाँ की सरकारें कितने चैन से रहतीं हैं | अल्लाह उनकी देखरेख करता है…सरकार के पास कोई आता ही नहीं शिकायत करने | सरकार बस सरकारी काम देखती है और बिरयानी खाती है | और एक हमारा देश है… मन पसंद सब्जी तक नहीं खाने मिलता, उसपर भी नजर लगा देते हैं की हज़ारों रूपये किलों वाली सब्जी क्यों खा रहे हो ? बताओ भला यह भी कोई बात हुई ?

तो आइये हम सब मिलकर भारत को भी पाकिस्तान बनाएं और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करें | ताकि रामराज्य स्थापित हो सके और सरकार भी मन पसंद सब्जी खा सके | ~विशुद्ध चैतन्य

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