ईमानदारी आज भी गरीबों में सुरक्षित है…


पश्चिम बंगाल के आनंदपुर गांव, जुमई जिले के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में पड़ता है. यह गांव बंगाल के किसी अन्य गरीबी का दंश झेल रहे गांव सरीखा ही है. यहां की महिलाओं की स्थिति बेहाल है. अधनंगे और कुपोषित बच्चे इस गांव की भी पहचान हैं.

सितंबर में एचडीएफसी बैंक के कैश वैन से लॉकर टूटने के कारण 4 करोड़ रूपए गिर गए थे. ये रुपए कोलकाता में बूट पॉलिश का काम करने वाले एक व्यक्ति को मिले जो इसी गांव का था. पुलिस तबसे इस मामले की जांच कर रही थी और जांच करते-करते वह इस मोची के घर तक पहुंच गई. पुलिस को उसके घर से एक करोड़ रूपए मिले पर घरवालों ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि इस गांव के और भी घरों में लाखों रुपए हैं.

इसके बाद गांव के तीन परिवार ने अपने यहां लाखों रुपए होने की बात कबूली. इन लोगों ने गांव के अन्य लोगों से भी अपील की कि जिस किसी के पास बैंक के पैसे हैं वह पुलिस को बुलाकर रूपए सौंप दे. इस पर गांववालों ने लक्ष्मीपुर थाना को सूचित किया. जब पुलिस गांव में पहुंची तो इन लोगों ने पांच सौ रुपये के 28 बंडल यानी लगभग चौदह लाख रुपये निकालकर पुलिस को सौंपे.

क्या ऐसी ईमानदारी किसी राजनेता या पढ़े-लिखों में देखने को मिल सकती थी ?

साभार: जागरण जंक्शन

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