लोगों की आस्थाओं का मजाक और कितना उड़ाओगे धर्म के ठेकदारो ?

आज धर्म और श्रृद्धा को लोगों ने दो कौड़ी का बना दिया | नीचे गिरते गिरते अब यहाँ तक पहुँच गए कि ३०० साल पुराने मंदिर को भी नहीं छोड़ रहे ये लोग | इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि क्यों हिन्दू-धर्म पतन के कागार पर पहुँच गया था बुद्ध के आगमन पर | इतने वर्षों में आज भी ये लोग नहीं सुधरे और आज भी वही हरकत कर रहें हैं, जिससे हमारे अपने ही धर्म का मजाक बन रहा है | उससे भी शर्म की बात है विश्वहिन्दू परिषद् के नेता ही ऐसा कर रहे हैं |

क्या मोदी शिव के बराबर बैठने के अधिकारी हैं ? साईं को ये लोग बर्दाश्त नहीं कर रहे थे, क्योंकि मोदी को उसकी जगह बैठना था | लोगों की आस्थाओं का मजाक और कितना उड़ाओगे धर्म के ठेकदारो ?

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के भगवानपुर गांव में एक 300 साल पुराने शिव मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 फीट की मूर्ति स्थापित की गई है। मोदी की मूर्ति लगने के बाद से यह गांव और मंदिर चर्चा में है। मोदी की मूर्ति बैठी हुई अवस्था में है। विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) के नेता बृजेंद्र नारायण मिश्रा ने शिवलिंग के बगल में मोदी की मूर्ति लगवाई है। मिश्रा इस मंदिर के पुजारी भी हैं। हाल तक यह मंदिर शिव मंदिर के रूप में जाना जाता था। लेकिन अब इसका नाम नमो-नमो मंदिर हो गया है। मंदिर के गेट के सामने एक बोर्ड पर नमो-नमो मंदिर लिख दिया गया है।

मिश्रा ने मोदी की मूर्ति इस साल जनवरी में लोकसभा चुनाव से पहले रख दी थी। इनका लक्ष्य था कि वह शिव जी की प्रार्थना कर उनसे मोदी को देश का पीएम बनाने के लिए दुआ मांगेंगे। स्थानीय लोगों ने इसे चापलुसी की पराकाष्ठा कहा था। मोदी की मूर्ति लगने के बाद से ज्यादातर लोगों ने मंदिर आना बंद कर दिया था। लेकिन बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और मोदी के पीएम बन जाने पर लोगों ने फिर से आना शुरू दिया है। अब लोगों का विश्वास कायम हो गया है कि भगवान शिव ने मोदी को लेकर मांगी गई मन्नत कबूल कर ली।

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अब गांव वाले मोदी के गुणगान में मिश्रा द्वारा लिखे भजन को हर दिन गाते हैं। यहां तक की शिव के साथ गांव वाले मोदी की भी प्रार्थना और आरती करते हैं। हर दिन सुबह और शाम में भगवान शिव के साथ मोदी की आरती लगाई जाती है। 200 शब्दों में लिखी आरती की शुरुआत होती है- ‘जय मोदी राजा, तेरे नाम का देश में डंका बाजा।’ मंदिर के पुजारी बृजेंद्र नारायण मिश्रा ने कहा, ‘इलेक्शन के दौरान मैंने मोदीजी को पीएम बनाने के लिए भगवान शिव से हर दिन प्रार्थना की थी। मेरी प्रार्थना का उद्देश्य पूरा हो गया है। अब हमलोग चाहते हैं कि मोदीजी पूर्णाहुति अनुष्ठान के लिए यहां आएं।’

प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति को बहुत ध्यान से देखने के बाद लगता है कि यह मोदी की है। मंदिर मिश्रा के घर के परिसर में है। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण मिश्रा के पूर्वजों ने किया था। ऐसे में इन्होंने मोदी की मूर्ति स्थापित की तो किसी ने आपत्ति नहीं जताई। भगवानपुर गांव में 500 परिवारों की मिश्रित आबादी है। कौशांबी से बीजेपी के विनोद कुमार सोनकर सांसद चुने गए हैं। -साभार: नभाटा 

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