संयोग, पूर्वाभास और नियति

रूसी मीडिया के मुताबिक मलेशियन एयरलाइंस का एक विमान यूक्रेन में गिर गया है. रूस की समाचार एजेंसी इंटरफैक्स का कहना है कि विमान एमस्टर्डम से कुआलालंपुर की उड़ान पर था. विमान में कुल 295 लोग सवार हैं, जिनमें 15 चालक दल के सदस्य हैं.

एपी ने यूक्रेन के गृह मंत्रालय के सलाहकार एंटन हेराशेंको के हवाले से कहा है कि मलेशियाई विमान को पूर्वी यूक्रेन के ऊपर अलगाववादियों ने 33,000 फ़ीट की ऊंचाई पर बक मिसाइल से निशाना बनाया हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है. -बीबीसी हिंदी, गुरुवार, 17 जुलाई 2014 21:54:46 IST

पूर्वी यूक्रेन में मलयेशियाई एयरलाइंस के एक विमान को मार गिराने के बाद पूरी दुनिया सदमे में है। इस बीच एक चौंकाने वाली खबर यह आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उसी फ्लाइट रूट से लौटने वाले थे, जिस पर MH17 बोइंग 777 के साथ हादसा हुआ।

एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के फ्लाइट रूट को इस हादसे के बाद बदल दिया गया। मोदी की फ्लाइट ने हादसे के दो घंटे बाद जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरी। अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह हादसा नहीं होता तो ऐसी स्थिति में पीएम का प्लेन इसी हवाई रूट से गुजरता। -नभाटा, १८/०७/२०१४

यूक्रेन में हादसाग्रस्त मलेश‌ियन एयरलाइंस की उड़ान से ठीक पहले व‌िमान में मौजूद एक यात्री का फेसबुक पर ल‌िखा एक मजाक खौफनाक हकीकत बन गया।

दरअसल यूक्रेन में हादसे का श‌िकार हुई मलेश‌ियन एयरलाइंस के उड़ने से पहले उसमें मौजूद एक डच यात्री कोर पैन ने व्यंग्य के तौर पर व‌िमान का फोटो खींचकर स्टेटस ल‌िखा क‌ि ‘गुम हो जाने से पहले ये व‌िमान ऐसा द‌िखता था’।

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बैरी और इजी सिम ने इसी विमान से कुलालालंपुर जाने की योजना बनाई थी। ये एम्सटर्डम के शिपोल एयरपोर्ट भी पहुंच गए थे, लेकिन बताया गया कि विमान में कोई सीट खाली नहीं है।

बाद में बरी और इजी ने अपनी छोटी बच्ची के साथ दूसरे विमान से यात्रा की। कुआलालंपुर पहुंचने पर इन्हें पता चला कि एमएच 17 को मिसाइल से हमला कर गिरा गिया गया है, तो इन्हें अपनी किस्मत पर भरोसा ही नहीं हुई।

इजी का कहना है कि किसी ऊपरी ताकत ने हमें बचाया है। मालूम हो, इस हादसे में मरने वालों में नौ ब्रिटिश

नागरिक भी शामिल हैं। –

समीरा कालेर के दोनों बच्चे इंडोनेशिया के बाली में अपनी नानी के साथ गर्मी की छुट्टियां मनाने जा रहे थे. इसके लिए एमएच17 से पहले उन्हें क्वालालंपुर जाना था और वहां से बाली की फ्लाइट लेनी थी.

मिगेल यह सफर काफी बार कर चुका था और आम तौर पर वह खुशमिजाज बच्चा था. लेकिन उस दिन समीरा को लगा कि कुछ ठीक नहीं है. फ्लाइट पकड़ने से एक दिन पहले मिगेल ने अपनी मां से पूछा, “आप मरना चाहेंगी तो किस तरह? अगर मुझे जमीन के नीचे गाड़ दिया गया तो क्या होगा. क्या मुझे कुछ महसूस नहीं होगा, क्योंकि हमारी आत्मा तो भगवान के पास चली जाती है.”

एमएच17 फ्लाइट पर चढ़ने से एक रात पहले मिगेल अपनी मां से अलग नहीं होना चाहता था. समीरा ने रात अपने बेटे को गोद में सुलाकर बिताई. 16 जुलाई की सुबह के समीरा कालेर ने अपने बच्चों मिगेल और शाका को एयरपोर्ट पहुंचाया. 19 साल के शाका ने वादा किया कि वह बाली में अपने 11 साल के भाई मिगेल का ख्याल रखेगा. तभी मिगेल ने कहा, “मां अगर प्लेन क्रैश हुआ तो क्या होगा.” समीरा नाराज हो गई और कहा सब ठीक होगा. उसके बेटे अंदर चले गए.

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फ्लाइट एमएच17 ने 12 बजकर 15 मिनट पर टेक ऑफ किया. और दो घंटे बाद 298 जिंदगियां आंसुओं में सिमट गईं. समीरा कालेर लगातार मिगेल की बात याद कर रह
ी हैं. कहती हैं, “मुझे उसकी बात सुन लेनी चाहिए थी. मुझे उसकी बात सुन लेनी चाहिए थी.”

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वो कई दिनों से बहुत दुखी था और मौत और भगवान की बातें कर रहा था.

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