क्या भारत को सन्देश देने और प्रतिक्रिया जानने का यही एकमात्र उपाय है अमेरिकियों के पास ?

न्यूयॉर्क में भारत की उप महावाणिज्यदूत (डिप्टी काउंसिल जनरल) देवयानी खोबरागड़े के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है. पिछले हफ्ते उन्हें वीजा नियमों में धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद न्यूयॉर्क पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया. कस्टडी में उनके कपड़े उतार कर तलाशी ली गई. उन्हें अपराधियों, नशेड़ियों और सेक्स वर्करों के साथ खड़ा किया गया.

1999 बैच की आईएफएस अधिकारी खोबरागडे को वीजा धोखाधड़ी के आरोपों में सार्वजनिक तौर पर उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह अपनी बेटी को स्कूल में छोड़ रहीं थीं. 39 वर्षीय भारतीय राजनयिक को सरेआम हथकड़ी पहनाई गयी. जब उन्होंने इसका विरोध किया और बताया कि वह राजदूत हैं, उन्हें इस तरह गिरफ्तार नहीं किया जा सकता, उनकी इस दलील को नहीं सुना गया. गिरफ्तारी के बाद उनसे बुरा बर्ताव किया गया. बाद में अदालत में दोषी नहीं होने की दलील देने पर ढाई लाख डॉलर के बांड पर छोड़ा गया.

सूत्रों ने बताया, ‘ये विएना कन्वेंशन का खुला उल्लंघन है. अमेरिकी अथॉरिटी जानती थी कि वह राजदूत हैं, इस के बावजूद उनके साथ ऐसा सलूक करके अपमानित किया गया.’ न्यूयॉर्क पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये ऑर्डर ‘ऊपर’ से आए थे.

सूत्रों ने कहा, ‘चूंकि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है इसलिए यहां तमाम देशों के राजदूत रहते हैं. न्यूयॉर्क पुलिस को भी किसी राजदूत की गिरफ्तारी और तलाशी से जुड़े सभी नियम मालूम हैं. ऐसा सिर्फ भारत को संदेश देने और उसकी प्रतिक्रिया जानने के लिए किया गया. -समाचार

क्या भारत को सन्देश देने और प्रतिक्रिया जानने का यही एकमात्र उपाय है अमेरिकियों के पास ?

और भारतीय प्रशासन से कैसी प्रतिक्रिया की अपेक्षा है अमेरिकियों को ?

पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय हिंसा नहीं निंदा पर विश्वास करते हैं |

हम बड़े से बड़े अपमान व दुर्व्यहार का उत्तर निंदा करके देते हैं |

क्योंकि हमारी सरकार की औकात नहीं है अमेरिका के विरुद्ध कोई कड़े कदम उठाने की |

क्योंकि अमेरिका के कारण ही हमारे नेताओं की दाल-रोटी चलती है, वरना तो सड़क में कोई भीख भी न देता इनको |

हमारे देश में तो कसाब जैसे को भी शाही मेहमान बना कर रखा जाता है और अमेरिकियों राजनयिक के साथ दुर्व्यवहार किया ? -विशुद्ध भारतीय 


भारत द्वारा विरोध स्वरुप उठाये गए कड़े कदम:

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मीरा कुमार ने रद्द की अपनी मुलाकात
भारत ने इस बर्ताव का सख्त विरोध किया है. लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने न्यूयॉर्क में विरोध स्वरूप सोमवार को अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से अपनी मुलाकात का कार्यक्रम रद्द कर दिया.

भारत ने किया था अमेरिकी राजदूत को तलब
देवयानी की गिरफ्तारी के बाद भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और अमेरिकी राजदूत नैन्सी पॉवेल को तलब किया था. वाशिंगटन में भी भारतीय मिशन के माध्यम से अमेरिकी सरकार के साथ मामले को पुरजोर तरीके से उठाया गया था.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन भी नहीं मिले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से
मीरा कुमार खुद भी राजनीति में आने से पहले भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी रहीं हैं. सूत्रों के अनुसार अमेरिका में भारत की एक वरिष्ठ राजनयिक के साथ खराब व्यवहार के कारण उस देश के सांसदों से मुलाकात को उचित नहीं मानते हुए उन्होंने इसे रद्द कर दिया. पांच सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन को भी मुलाकात करनी थी लेकिन उन्होंने भी जाहिर तौर पर इन्हीं कारणों से भेंट नहीं की.

प्रतिनिधिमंडल में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य जार्ज होल्डिंग (रिपब्लिकन-नॉर्थ कैरोलिना), पेट ओल्सन (रिपब्लिकन-टेक्सास), डेविड श्वीकर्ट (रिपब्लिकन-अरिजोना), रॉबर्ट वुडाल (रिपब्लिकन-अरिजोना) और मेडलीन बोरडालो (डेमोक्रेट-गुआम) शामिल थे.

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