कट्टर धार्मिकों का मानवता पर योगदान

मैं बाहर से चाहे कट्टर धार्मिकों कि कट्टर और मूर्खतापूर्ण गतिविधियों का कितना ही विरोध करूँ, कितना ही उनपर कटाक्ष करूँ… लेकिन भीतर से जानता हूँ कि ये लोग मानव-कल्याण के लिए बहुत ही बड़ा योगदान दे रहें हैं | ये लोग वह काम कर रहें हैं, जिससे भीरु प्रजाति के मानवों का अंत हो जाएगा और श्रेष्ठ मानवों का आस्तित्व बचा रह जाएगा |

मानवों को इन्हीं के कारण समझ में आएगा कि धर्म वास्तव में है क्या | यही लोग समझायेंगे कि हमारी तरह मूर्खतापूर्ण कार्यों में लिप्त रहो और धार्मिक कहलाओ या फिर मानव हो जाओ | यही लोग समझा रहे हैं कि ईश्वर मंदिर-मस्जिद में नहीं रहते क्योंकि वहाँ तो व्यापार और व्यापारी रहते हैं जो राजनेताओं के लिए कार्य करते हैं, जनता के लिए नहीं | यही लोग समझायेंगे कि जिस धर्म का ये लोग प्रचार-प्रसार कर रहें हैं वास्तव में वह राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए है, न कि आध्यात्मिक पथ |

एक दिन सभी को समझ में आ जायेगा और जो नहीं समझेंगे वे विलुप्त हो जायेंगे क्योंकि प्रकृति ने मानव को मानव बनने के लिए भेजा था, हिन्दू-मुस्लिम बनने के लिए नहीं | एक दिन मानव का स्वाभिमान जाग ही जाएगा और वह खुल कर कहेगा कि बस….!!! अब बहुत होगया….! अब मुझे मानव बनना है | -विशुद्ध चैतन्य

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