सोशल मिडिया भी मेरे लिए समाज को ठीक से समझने का माध्यम है

आज यदि गौतम बुद्ध भी आ जाएँ तो उन्हें सूचना प्रोद्योगिकी सीखनी पड़ेगी यह सत्य है | आज गौतम-बुद्ध या महावीर जंगल में जाकर सत्य को नहीं खोज रहे होते बल्कि एकांत में बैठकर ब्लॉग लिख रहे होते या सोशल मीडिया के माध्यम से सत्य को समझ रहे होते |

सोशल मिडिया से किसी को कोई लाभ बेशक न होता हो, लेकिन मुझे बहुत हुआ है | सोशल मीडिया ही वह माध्यम है जिससे हम लोगों के उन भावों को समझ पाते हैं जो वे सामान्य रूप से नहीं व्यक्त करते | यहाँ उनको भय नहीं होता क्योंकि वे यह सोचकर खुश होते हैं कि कोई उनको पहचानेगा नहीं, लेकिन मेरे जैसे लोग यह जानते हैं कि व्यक्ति भीतर की हलचल को ही व्यक्त कर ही रहा है….

Dr. Newton Kondaveti को आप जानते ही होंगे | उनके Past Life Regression सेशन में वे जब किसी को पिछले जन्म को याद करने के लिए कहते हैं तब लोग मनगढ़ंत किस्से बनाकर सुना देते है और फिर बाद में बहुत हँसते हैं कि मैंने डॉक्टर को मुर्ख बना दिया | जबकि डॉक्टर साहब मुस्कुराते हुए बिल्कुल ऐसा भाव व्यक्त करते हैं जैसे कि उनकी कल्पनाओं पर पूरा विश्वास है उनको | एक दिन किसी ने कहा कि यह लोग जो पिछले जन्म के अपने अनुभव सुनाते हैं वे मनगढ़ंत नहीं है वह कैसे कह सकते हैं ?

डॉक्टर साहब बोले कि हम कितनी ही कल्पनाएँ कर लें और कितनी ही नई से नई घटनाएँ गढ़ लें… .वे सभी वही होंगी जो हमने देखी हैं, सुनी हैं, या जानी हैं | हमारा मस्तिष्क उन बातों की कल्पनाएँ नहीं कर सकता, जिसे उसने पहले कभी देखा, जाना या समझा नहीं | तो जो लोग कल्पनाएँ करके कहानियां सुना रहे हैं, उनमें पूरी संभावनाएं हैं कि वे सही ही कह रहे हैं |

READ  पहले अपने समाज को बदलिए... नेताओं, पार्टियों को बदलने से कुछ नहीं होने वाला...

तो सोशल मिडिया भी मेरे लिए समाज को ठीक से समझने का माध्यम है | यहाँ कई लोग दो से अधिक आईडी से किसी के साथ जुड़ते हैं, और एक से अपना विरोध व्यक्त करते हैं और दूसरे से समर्थन करते हैं | एक यदि ब्लॉक हो भी जाये तो दूसरे से जुड़े रहते हैं और इस बात का ध्यान रखते हैं कि ब्लॉक होने वाली गलती नहीं करनी है | ~विशुद्ध चैतन्य

लेख से सम्बन्धित आपके विचार

avatar
  Subscribe  
Notify of