‘मैं यह चिट्ठी तुम्हारे नाम नहीं लिख सकती, क्योंकि मैं तुम्हारा नाम नहीं जानती

ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की एक छात्रा के साथ उत्तरी लंदन मे उसके घर के पास पिछले महीने कथित रूप से बलात्कार हुआ, लेकिन लड़की ने हार मानने से इनकार कर दिया। उसने अपने बलात्कारी के नाम एक खुला खत लिखकर बता दिया है कि वह अपने व्यवहार में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं करेगी। लड़की ने लिखा है कि वह एक पीड़ित की तरह नहीं रहेगी।

20 साल की उस लड़की ने पहचान छुपाने के अपने अधिकार को दरकिनार करते हुए ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट न्यूज़पेपर में ‘मेरे हमलावर के नाम एक खत’ में लिखा –

‘मैं यह चिट्ठी तुम्हारे नाम नहीं लिख सकती, क्योंकि मैं तुम्हारा नाम नहीं जानती।

मैं सिर्फ़ इतना जानती हूं कि तुम एक गंभीर यौन आक्रमण और लंबे हिंसक हमले के आरोपी हो।

और मेरा एक सवाल है।

जब तुम सीसीटीवी कैमरे पर ट्यूब से मेरे पड़ोस तक मेरा पीछा करते पकड़े गए। जब तुम इंतज़ार कर रहे थे कि मैं अपनी सड़क पर आऊं और तुम मुझ तक पहुंचो। जब तुमने अपने हाथ से मेरा मुंह इस तरह जकड़ लिया था कि मेरा सांस लेना मुश्किल हो गया था। जब तुमने मुझे मेरे घुटनों पर ला दिया था और मेरा चेहरा लहूलुहान हो गया था। जब मैं तुम्हारे हाथों की जकड़ से छूटने के लिए लड़ रही थी कि चीख सकूं।

जब तुमने मुझे बाल पकड़ कर खींचा और जब तुमने मेरा सिर फुटपाथ से दे मारा और मुझसे कहा कि मदद के लिए चिल्लाना बंद करूं। जब मेरी पड़ोसन ने तुम्हें खिड़की से देखा, तुम पर चिल्लाई और तुमने उसे घूरा और मेरी कमर व गर्दन पर वार करते रहे।

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जब तुम इतनी ताकत से मेरे वक्षों पर झपटे कि मेरी ब्रा फट कर आधी रह गई। जब तुमने मेरे असबाब की तरफ देखा तक नहीं, क्योंकि तुम्हें मेरा जिस्म चाहिए था। जब तुम मेरा जिस्म हासिल करने में नाकाम रहे, क्योंकि मेरे घरवाले और पड़ोसी निकल आए और तुमने उन्हें सामने देखा।

जब सीसीटीवी कैमरे में तुम भागते हुए और 20 मिनट बाद एक और औरत का पीछा करते दिख रहे थे, जिसके बाद उसी स्टेशन पर तुम गिरफ्तार हो गए। जब मैं पांच बजे सुबह पुलिस स्टेशन में थी, जबकि तुम चार मंजिल नीचे हिरासत में थे। जब मुझे फॉरेंसिक टीमों को अपने कपड़े और अपने नग्न जिस्म के चोट और निशानों के फोटो देने पड़े।

क्या तुमने एक बार भी अपनी जिंदगी में आए लोगों के बारे में सोचा?

मैं नहीं जानती, तुम्हारी जिंदगी में कौन से लोग हैं? मैं तुम्हारे बारे में कुछ नहीं जानती।

लेकिन मैं यह जानती हूं कि उस रात तुमने सिर्फ मुझ पर हमला नहीं किया।

मैं एक बेटी हूं। मैं एक दोस्त हूं। मैं एक प्रेमिका हूं। मैं एक छात्रा हूं। मैं एक बहन हूं। मैं एक भतीजी हूं। मैं एक पड़ोसी हूं। मैं एक कामगार हूं, जो हर रोज़ रेलवे में बने कैफे में लोगों को कॉफी सर्व करती है। ये सारे लोग, जो मुझसे ये रिश्ता रखते हैं, मेरी बिरादरी बनाते हैं और तुमने उनमें से हरेक पर हमला किया। तुमने उस सच्चाई को नापाक किया, जिसकी ये सब लोग नुमाइंदगी करते हैं और जिसके लिए मैं लड़ना कभी बंद नहीं करूंगी क्योंकि दुनिया में अच्छे लोगों की तादाद बुरे लोगों से कई गुना ज़्यादा है।

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यह चिट्ठी वाकई तुम्हारे लिए कतई नहीं है, यह उन तमाम पीड़ितों के लिए है, जिन पर गंभीर यौन हमले हुए या इसकी कोशिश हुई और उनकी बिरादरियों के एक-एक सदस्य के लिए है।

मुझे यकीन है तुम्हें 7/7 याद होगा। मुझे यह भी यकीन है कि तुम्हें याद होगा कि किस तरह आतंकी जीते नहीं, क्योंकि लंदन की पूरी बिरादरी अगले दिन ट्यूब पर चली आई थी। तुमने अपना हमला किया, लेकिन मैं अब अपनी ट्यूब में लौट रही हूं।

मेरी बिरादरी यह महसूस नहीं करेगी कि अंधेरे के बाद घर लौटना हमारे लिए असुरक्षित है। हम आखिरी ट्रेन में घर लौटेंगे और हम सड़क पर अकेले चलेंगे, क्योंकि हम इस विचार के आगे घुटने नहीं टेकेंगे कि ऐसा करके हम खुद को खतरे में डाल रहे हैं।

हम साथ आना जारी रखेंगे, किसी सेना की तरह, जब हमारी बिरादरी के किसी भी सदस्य को डराया जाएगा।

यह वह लड़ाई है, जो तुम नहीं जीतोगे।

बिरादरी वह ताकत है, जिसे हम कम आंकते हैं। हम उसी अखबार वाले से रोज अखबार लेते हैं, हम पार्क में अपने कुत्ते को टहला रही महिला को देख हाथ हिलाते हैं, हर रोज हम एक ही मुसाफिर के बगल में बैठते हैं।

हर शख्स, जिसे हम जानते हैं और जिसका ध्यान रखते हैं, हर रोज के कुछ सेकंड से ज्यादा नहीं लेता, लेकिन उनसे हमारी जिंदगियों का एक बड़ा हिस्सा बनता है। एक बार किसी ने मुझसे यहां तक कहा, चाहे वे जितने अनजाने मालूम होते हों, हमारे सपनों में आने वाले चेहरे वे चेहरे होते हैं जिन्हें हमने पहले देखा है। हमारी बिरादरी हमारी मनोरचना में बस जाती है। तुम, मेरे हमलावर, तुमने मेरे भीतर की या मेरे कर्म की कोई कमजोरी साबित नहीं की, बस मनुष्यता की अटूटता का प्रदर्शन करा दिया।

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जब तुम बैठकर मुकदमे का इंतजार कर रहे हो, मुझे उम्मीद है, तुम सिर्फ यह नहीं सोच रहे कि तुमने क्या किया है। मुझे उम्मीद है, तुम बिरादरी के बारे में सोच रहे हो। अपनी बिरादरी के बारे में – भले ही तुम इसे अपने आस-पास रोज नहीं देखते हो। यह यहां है। हर तरफ है।

तुमने मेरी बिरादरी को कम करके आंका या मुझे कहना चाहिए – हमारी? मैं कुछ इस तरह की बात कह सकती थी, ‘कल्पना करो, अगर मैं तुम्हारी बिरादरी की सदस्य होती,’ लेकिन इसकी जगह मैं यह कहने जा रही हूं – बिरादरी में कोई सरहद नहीं होती। सिर्फ अपवाद होते हैं, और तुम उनमें से एक हो।’

You won t win Girl writes to her rapist Half the Sky Mvmt @Half

स्कॉटलैंड यार्ड ने इस बात की पुष्टि की है कि 17 साल के हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है और 6 मई को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। #UK student launches #NotGuilty campaign to end victim-blaming of sexual assault survivors. http://t.co/xiwBsh33V1 pic.twitter.com/h0Ea8gsRT4

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