सन्यास के नियम तय करने वाले ठेकेदार सभी सांसारिक सुख सुविधा भोगते हैं

सन्यासी…! जिसका परम्परागत अर्थ है, जिसने संसार को त्याग दिया हो, या जिसने हर उस वस्तु का त्याग कर दिया हो जो बाकि लोगो…
Posted by विशुद्ध चैतन्य on Tuesday, April 29, 2014

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