ऐसा क्या चमत्कार हो गया कि खुश हुआ जाए ?

कांग्रेस की जीत पर लोग इतना खुश क्यों हो रहे हैं ?
ऐसा क्या चमत्कार हो गया कि खुश हुआ जाए ?

लूट-खसोट वैसे ही चलती रहेगी, महँगाई वैसे ही बढ़ती रहेगी, किसान और आदिवासी वैसे ही मरते और बेघर होते रहेंगे, बेरोजगारी वैसे ही बढ़ती रहेगी, शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल वैसे ही लूटते रहेंगे….यानि कुछ भी नहीं बदलने वाला | बदला है तो केवल मुखौटा ही बदला है |

और फिर देश के पास कांग्रेस और भाजपा से अलग कोई और विकल्प है भी नहीं | अन्य सभी पार्टी दो चार सीटों पर लड़ने वाली पार्टियाँ हैं, यदि वे जीत भी गयीं, तो सब मिलकर भी सरकार नहीं बना सकतीं | इसीलिए जनता के पास कांग्रेस और भाजपा के अलावा और कोई विकल्प है भी नहीं |

मैं यह मानता हूँ कि कांग्रेस की इस जीत में कांग्रेस का कोई योगदान नहीं है | यह जीत कांग्रेस को केवल इसलिए मिली, क्योंकि भाजपा अपना मानसिक संतुलन खो चुकी थी | वह छिछोरेपन और गुंडागर्दी पर उतर आयी थी | जहाँ किसानों को उचित लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा था, वहाँ इन्हें मंदिर-मस्जिद, हिन्दू-मुस्लिम खेलने से फुर्सत नहीं थी | इसीलिए ही कांग्रेस को जीत मिली | बाकी अब राहुल गांधी के सामने बहुत बड़ी चुनौती भी है कि अपनी यह जीत आगामी चुनावों में भी बनाये रख सकें |

यह भी स्वीकार ही लेना चाहिए हमें कि कांग्रेस की जीत के लिए राहुल का शांत स्वभाव, धैर्य और भाषा की मर्यादा ने बहुत अहम भूमिका निभाई | जबकि राहुल से उम्र में कहीं अधिक बड़े व अनुभवी नेता, छिछोरेपन पर उतर गये थे, भाषा की मर्यादाओं को तार तार करके रख दिया था | भारतीय इतिहास में भाजपाई नेताओं से अधिक गिरा और छिछोरा नेता शायद कभी नहीं हुआ | और भाजपाई ऐसे नेताओं के छिछोरेपन पर माथा पीटने की बजाये ताली पीट रहे थे |

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दूसरी महत्वपूर्ण बात यह भी देखने में आयी कि बार बार हार का मुँह देखने वाले राहुल ने हार नहीं मानी और अंततः सफलता हाथ लगी | राहुल को पप्पू कहने वाले गप्पू की सारी हेकड़ी निकल गयी |  राहुल ने देश के युवाओं को सिखाया कि परिस्थिति कितनी ही विषम क्यों न हों, धैर्य व शालीनता कभी नहीं खोनी चाहिए | जिसने इन दोनों को खो दिया, उसकी वही स्थिति होती है जो गप्पू की हुई |

हाँ मेरे लिए ख़ुशी का कारण यह अवश्य है कि देश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने वाले, दिमाग से पैदल, विकृत मानसिकता के लोगों की हार हुई | बाकि और कुछ भी नहीं बदला है |

कांग्रेस को उनकी जीत पर हार्दिक शुभकामनायें और भाजपा को उनकी हार पर ढेर सारी संवेदनायें !

~विशुद्ध चैतन्य

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