धर्म खतरे में पड़ता है जब…

सदैव स्मरण रखें:

यदि सारे हिन्दू मुसलमान हो जाएँ या सारे मुसलमान हिन्दू हो जाएँ, तब भी धर्म खतरे में नहीं पड़ेगा | धर्म खतरे में पड़ता है जब कोई धार्मिक व्यक्ति अधार्मिक हो जाए | अर्थात जब कोई धार्मिक व्यक्ति धर्मांतरण कर अधर्म को अपना ले और रिश्वतखोरी, भ्रष्ट्राचार, झूठे वादे, घोटालेबाजी, लूट-खसोट, गरीबों की भूमि हथियाने, साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धर्म व जाति के नाम पर समाज को लड़ाने जैसे अधार्मिक कर्मों में लिप्त हो जाए, या ऐसी मानसिकता के लोगों का साथ दे, या मौन समर्थन करे, या वोट देकर उन्हें जिताए |

अधर्म है समृद्ध होते हुए भी आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति की सहायता न करना, समृद्ध होते हुए भी दूसरों की भूमि हड़पना, धन हड़पना, दूसरों के जीवन में दखल देना, दूसरों पर अंपनी मान्यता या परम्परा थोपना, दूसरों का मौलिक अधिकार छीनना |

अधर्म है मंदिरों, मस्जिदों, प्रतिमाओं, धार्मिक उत्सवों व दिखावों में धन उड़ाना, लेकिन किसी जरूरतमंद की सहायता में अपनी असमर्थता दिखाना |

अधर्म है राजनेताओं, पार्टियों, मंदिरों, अय्याश बाबाओं को दिल खोलकर चंदा देना, लेकिन किसी भूखे को रोटी खिलाने में अपनी असमर्थता व्यक्त करना |

अधर्म है अन्नदाता यानि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य न देना, और उन्हें भूख और कर्ज कि मार से मौत के मुँह में धकेल देना |

~विशुद्ध चैतन्य

READ  जिन्हें धर्म की ही समझ नहीं वे भला सनातन धर्म को क्या समझेंगे ?

लेख से सम्बन्धित आपके विचार

avatar
  Subscribe  
Notify of