बुलेट ट्रेन

मैं कहीं जाने के लिए बस स्टॉप में खड़ा बस की प्रतीक्षा कर रहा था । काफी देर से बस नहीं आ रही थी और भीड़ बढ़ती जा रही थी । लोग बार बार सड़क में जाकर देख रहे थे कि शायद कोई बस नजर आ जाए आती हुई ।

अचानक कोई चिल्लाया बचो बुलेट ट्रेन आ गयी । लोग जान बचाकर सड़क से दूर हट गए । मैं भी अपनी धोती और पगड़ी संभालकर पीछे हटा और तभी सामने से बुलेट ट्रेन गुजर गयी ।

ट्रेन के गुजरते ही सबने देखा कि एक नाव हमारे पास आ रही है । उसमें भगवाधारी कुछ साधू संत बैठे हुए हैं और “हर हर मोदी घर-घर मोदी” मन्त्र जाप कर रहे हैं ।

मैंने आश्चर्य से पूछा कि बस आनी थी यह नाव कहाँ से आ गयी ? और यहाँ तो सड़क थी, यह पानी कहाँ से आ गया ?

नाव में बैठे सभी यात्री हँसने लगे और उनमें से कोई बोला, “अरे महाराज यह कलयुग नहीं जुमलायुग है और कांग्रेस राज नहीं मोदी राज है । अभी जो बुलेट ट्रेन गयी थी, उसमे ही मोदी जी के विशेष तालाब खोदु दस्ता था । उसने ही यह तालाब खोद दिया आप लोगों की समस्या दूर करने के लिए बुलेट स्पीड से । अब बस का इंतज़ार करके परेशान नहीं होना पड़ेगा किसी को । आइये फटाफट चढ़ जाइये नाव पर और जोर से बोलिये “हर हर मोदी घर घर मोदी !”

मैं नाव की तरफ बढ़ा ही था कि मेरा पैर फिसल गया और मैं पानी में जा गिरा । तभी मेरी नींद खुल गयी । ~विशुद्ध चैतन्य

READ  सनातनी (सेक्युलर) राष्ट्र के बजाय हिन्दू या मुस्लिम, राष्ट्र ही क्यों चाहिए ?

1
लेख से सम्बन्धित आपके विचार

avatar
1 Comment threads
0 Thread replies
1 Followers
 
Most reacted comment
Hottest comment thread
1 Comment authors
Arun Prakash Recent comment authors
  Subscribe  
newest oldest most voted
Notify of
Arun Dwivedi
Member
Arun Dwivedi

हा हा