इस्लाम व हिंदुत्व के ठेकेदार और पुनर्जन्म

ईसाई और इस्लामिक समाज में पुनर्जन्म की अवधारणा नहीं है | उनके हिसाब से इन्सान का केवल एक ही जन्म होता है | लेकिन वे रूह यानि आत्मा पर विश्वास अवश्य करते हैं और मानते हैं कि इंसान की मौत के बाद रूह भटकती रहती है कयामत तक | कयामत के दिन उनका फैसला होता है और उस दिन तय होता है कि उन्हें जन्नत मिलेगा या दोज़ख | कुछ इस्लामिक विद्वानों ने मुझे बताया कि इन्सान की मौत के बाद रूह नहीं भटकती, बल्कि खुदा ने विशेष वेटिंग रूम की व्यवस्था कर रखी है, जहाँ रूहें आराम से नमाज पढ़ते हुए कयामत के दिन का इंतजार करतीं हैं |

लेकिन एशियाई देशों में पुनर्जन्म की अवधारणा है | एशियाई देशों में मान्यता है कि व्यक्ति मरने के बाद किसी कारणवश स्वर्ग या नर्क नहीं जा पाता या मोक्ष नहीं पाता, तो वह तब तक भटकता रहता है, जब तक उसे दोबारा जन्म नहीं मिल जाता | यह सुविधा केवल एशियाई देशों के ईश्वर ने ही विशेष रूप से दे रखी है | ईश्वर भी समझते हैं कि स्वर्ग, नर्क की कतार बहुत बहुत लम्बी है और वहाँ लोगों की स्थिति बिलकुल दिल्ली के चावड़ी जैसी है | भीड़ इतनी है स्वर्ग और नर्क में कि पैर रखने की भी जगह नहीं | ऐसे में मरने वाले इधर उधर भटकने कि बजाये दोबारा जन्म ले लें और अपनी गलतियों को सुधार लें इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है ?

तो देह त्यागने के बाद मुस्लिम कट्टरपंथियों की आत्माएँ  खाली-पीली भटकने या फिर वेटिंग रूम में कयामत तक कयामत के इंतजार में बोर होने की बजाय दोबारा जन्म लेने पर विचार करने लगते हैं | वे अपने दड़बे में तो वापस जन्म ले नहीं सकते, क्योंकि उनके खुदा ने यह फैसिलिटी दी ही नहीं, इसीलिए उन्हें हिंदुत्व के ठेकेदारों के घर जन्म लेना सही लगता है | वैसे भी इस्लाम के ठेकेदारों और हिंदुत्व के ठेकेदारों में कोई अंतर तो होता नहीं | दोनों ही मजहबों के ठेकेदारों का काम तो एक ही होता है यानि अपने ही मजहब को बदनाम करना अपनी करतूतों से |

बाकी जो सीधे सादे मुस्लमान हैं, उनके दिमाग में ऐसी खुराफात आती नहीं | वे तो आराम से कयामत का इंतजार करते रहते हैं कयामत तक |

धर्म और धर्मों के ठेकेदार

धर्म की समझ न तो इस्लामिक ठेकेदारों को होती है, न ही हिंदुत्व के ठेकेदारों को | अल्लाह या खुदा का खौफ न तो इस्लाम के ठेकेदारों को होता है और न ही ईश्वर, भगवान् का भय होता है हिंदुत्व के ठेकेदारों को |

READ  हम जिस समाज में रहते हैं वह स्वयं सदियों से कमर से ऊपर नहीं उठ पाया

माँ-बहनों का मौखिक बलात्कार करके धर्म की रक्षा इस्लाम के ठेकेदार भी करते हैं, और हिंदुत्व के ठेकेदार भी | गुंडागर्दी, हत्या, बलात्कार, सांप्रदायिक दंगे, लूट-पाट, मोबलिंचिंग का शौक इस्लाम के ठेकेदारों को भी होता है और हिंदुत्व के ठेकेदारों को भी |

इनका धर्म से कोई लेना देना नही होता और न ही धर्म का बेसिक भी इन्हें पता होता है | इनके लिए धर्म का मतलब होता है गुंडागर्दी करना, उत्पात मचाना, दंगा-फसाद करवाना, दो सम्प्रदायों में नफरत पैदा करना |

अब कोई भी अपने पिछले जन्मों के संस्कारों से आसानी से छूटता नहीं | संस्कार चीज ही ऐसी है, जो कई जन्मों तक साथ चलती है | इसीलिए ही कहा जाता है कि बच्चों को अच्छे संस्कार दो, अच्छी शिक्षाएं दो, ताकि वह एक अच्छा इंसान बन सके | इस जन्म में न सही, अगले किसी जन्म में तो ये शिक्षाएं काम आएँगी ही |

आपने देखा होगा कि कोई बच्चा बचपन से ही किसी वाद्ययंत्र में रूचि लेने लगता है और चार पाँच वर्ष की आयु में ही बहुत ही निपुणता प्राप्त कर लेता है ? आपने देखा होगा कोई बच्चा कम उम्र में ही बहुत तेज पढ़ाकू बन जाता है ? यह भी देखा होगा कि कोई बच्चा लड़ने मरने का बड़ा शौक़ीन होता है, वहीँ कोई लड़ाई झगड़े से दूर रहता है ?

यह सब पूर्वजन्मों के ही संस्कार होते हैं जो बच्चों में बचपन में ही देखे जा सकते हैं | बड़े होने के बाद अधिकांश यह तो भूल जाते हैं या फिर पारिवारिक वातावरण भूलने पर विवश कर देता है |

तो जब इस्लाम के ठेकेदार हिंदुत्व के ठेकेदारों के घर जन्म ले लेते हैं, तो वे हिन्दू संस्कारों का अध्ययन नहीं करते, बल्कि क़ुरान पढ़ना शुरू कर देते हैं | वे मंदिरों में भी केवल इसलिए जाते हैं क्योंकि मुसलमान मस्जिदों में जाते हैं | वे मंदिरों में लाउडस्पीकर केवल इसलिए बजाते है क्योंकि मुसलमान मस्जिदों में लाउडस्पीकर बजाते हैं | मंदिरों या त्योहारों में वे लाउडस्पीकर भी चलाएंगे तो, किसी धार्मिक या सात्विक भावना से नहीं, बल्कि अश्लील गाने चलाएंगे, डीजे बजायेंगे, शोर मचाएंगे…उद्देश्य केवल मनोरंजन और शोर करना मात्र होता है | वे जो कुछ भी करते हैं सब मुस्लिमों को देखकर करते हैं…यहाँ तक कि नहाना, धोना खाना, पीना…सब | जो काम मुस्लिम नहीं करेंगे वे भी नहीं करेंगे |अब तो ठेकेदार कहने लगे हैं कि मुस्लिम अधिक बच्चे पैदा करते हैं, इसीलिए हिन्दुओं को भी अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए | यही इनकी पहचान है कि ये पिछले जन्म में इस्लाम के ठेकेदार थे |

READ  अधर्मी

मेरा सामना अक्सर ऐसे नवजात हिंदुत्व के ठेकेदारों से होता रहता है और उनसे बात करके ही समझ जाता हूँ कि ये पिछले जन्म में इस्लाम का ठेकेदार या दुमछल्ला रहा होगा | ये लोग अक्सर मेरे पोस्ट पर आकर या तो गाली-गलौज करते हैं या फिर कहते हैं कि इस्लाम पर क्यों नहीं लिखा, मुसलमान पर क्यों नहीं लिखा ?

इन्हें विषय से कोई मतलब नहीं होता, क्या समझाया जा रहा है, उससे भी मतलब नहीं होता, बस हिंदुत्व के नाम पर जो भी ये लोग उत्पात कर रहे हैं, यदि उसकी आलोचना की गयी, तो बस पाकिस्तान ट्रेवेल एजेंसी के एजेंट बन जायेंगे और पाकिस्तान जाने की सलाह देने लगेंगे | न जाने कितना कमिशन मिलता होगा इन्हें, भारतीयों को पाकिस्तान भेजने पर ?

कभी सलाह देंगे कि मुस्लमान बन जाओ, कभी सलाह देंगे कि क़ुरान पढ़ लो, कभी सलाह देंगे कि खतना करवा लो….यानि हमेशा इस्लाम, मुसलमान और पाकिस्तान की वकालत करते रहेंगे | हिंदुत्व के नाम पर जो भी उत्पात ये लोग कर रहे हैं, उससे हिन्दुओं का ही अपमान हो रहा है | वास्तव में ये लोग इसी उद्देश्य से जन्म ही लेते हैं कि हिन्दुओं को कलंकित करना है |

ये लोग कभी भी समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का प्रयास नहीं करेंगे | ये लोग कभी उन मूर्खों को समझाने नहीं जायेंगे जो किसी को बरात निकालने या घोड़ी चढ़ने से इसीलिए रोकते हैं, क्योंकि वे दलित हैं | क्योंकि ये लोग जानते हैं कि ऐसा करने वाले हिन्दुओं को ही कलंकित कर रहे हैं | इसीलिए ये लोग उन्हें सुधारने नहीं जायेंगे | लेकिन हमें सुधारने चले आयेंगे यदि हमने उनके विरुद्ध कुछ लिख दिया |

ये लोग सभ्य लोगों का दल नहीं बनायेंगे, हमेशा लुच्चे-लफंगों, उठाईगीरों, गुंडों, मवालियों का दल बनायेंगे और किसी देवी-देवता की सेना घोषित कर देंगे | ये जितने भी देवी-देवताओं के नाम पर बनी सेनाएं हैं , उनकी करतूतों को देखकर सारे देवी देवता भारत छोड़कर स्वित्ज़रलैंड, डेनमार्क, नोर्वे जैसे देशों में पलायन कर गये | इसीलिए वहाँ के लोग सुखी, समृद्ध हो रहे हैं और हम भारतीय गरीब से गरीब |

अब चूँकि देवी-देवता इन लुच्चे लफंगों की सेनाओं के डर से भारत में रहते नहीं, इसीलिए नेता लोग बिंदास घोटाले कर रहे हैं, जनता को लूट रहे हैं और ईश्वर इन सबसे बेखबर स्विटज़रलेंड की वादियों में घूम रहे हैं | नेता लोग भी जानते हैं कि कोई ईश्वर भारत में नहीं रह रहा, इसीलिए ये लोग अपना पैसा भी भारत के बैंकों में नहीं, स्विसबैंक में जमा करवाते हैं | अब हिंदुत्व के ठेकेदार राम मंदिर बनवाना चाहते हैं ताकि श्री राम को कम से कम भारत लाया जा सके | उन्हें पूरा विश्वास है कि यदि श्रीराम भारत आ गये तो इनके लूट-पाट, साम्प्रदायिक उत्पात, दंगे-फसाद में पूरा सहयोग करेंगे |

READ  हम तो खतरों के खिलाड़ी हैं,

तो इस्लाम में भले पुनर्जन्म की अवधारणा या सुविधा न हो, लेकिन हिन्दुओं में है और उसी का दुरुपयोग करके इस्लाम के ठेकेदार हिंदुत्व के ठेकेदारों या दुमछल्लों के घर जन्म ले लेते हैं | और फिर किसी को पाकिस्तान जाने की सलाह देने लगते हैं या फिर किसी इस्लाम अपनाने की या फिर खतना करवाने की

गर्भधारण व सात्विक वातावरण

शास्त्रों में कहा गया है कि पति-पत्नी जब भी गर्भधारण करने का मन बनायें, तब अपने बेडरूम को मंदिर की सजाएं या स्वच्छ रखें | वातावरण सुगंधमय रखें और परस्पर किसी भी प्रकार का कोई द्वेष या क्रोध न रखें | मन में यह भाव हो कि आने वाली आत्मा शुभ हो, शुद्ध हो और सभी के लिए कल्याणकारी हो | यह सुनने में बड़ा ही अजीब लगता होगा आधुनिक पढ़े-लिखे लोगों को | लेकिन यह एक सत्य है कि जैसी भावना के साथ सम्भोग किया जायेगा, वैसी ही संतान की प्राप्ति होगी |

यदि पति पत्नी में प्रेम है, समर्पण का भाव है, एक दूसरे के लिए आदर का भाव है, तो निश्चित ही शुभ आत्मा का प्रवेश होगा गर्भ में | किन्तु यदि साम्प्रदायिक वैमनस्यता भरा हुआ है, दूसरे पंथों के प्रति घृणा का भाव है, तो निश्चित ही लुच्चे-लफंगे जन्म लेंगे और धूर्त-मक्कार राजनेताओं, धर्मों के ठेकेदारों के दुमछल्ले बनेंगे | इन्हें आजीवन धर्म की समझ नहीं हो पायेगी और आजीवन ये लोग न स्वयं सुखी रहेंगे और न ही दूसरों को सुखी रहने देंगे |

नीचे एक खबर का लिंक दे रहा हूँ, पढ़िए आप स्वयं समझ जायेंगे कि धर्म के ठेकेदार वास्तव में अपने ही सम्प्रदाय के हितों के लिए कुछ नहीं करते, सब सरकार और भगवान् भरोसे ही रहता है | बस धर्म के नाम पर उत्पात मचाना हो, तब ये लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं | ये दूसरे दड़बे के धार्मिकों को बर्गालते रहते हैं कि हमारे दड़बे में आ जाओ, हमारा ईश्वर बड़ा ताकतवर है, तुम्हारी सारी समस्याएँ दूर कर देगा | जबकि इनके अपने ही दड़बे के धार्मिकों का कोई भला नहीं कर रहा होता इन ठेकेदारों का खुदा या ईश्वर |

~विशुद्ध चैतन्य

लेख से सम्बन्धित आपके विचार

avatar
  Subscribe  
Notify of