72 घंटे में 12 किसानों ने आत्महत्या कर ली | क्यों ?

आये दिन हम पढ़ते रहते हैं कि कही पर किसी किसान ने आत्माहत्या कर ली, लेकिन अब यह सब एक साधारण सी बात हो गयी है | क्योंकि हम लोग तो धार्मिक हैं, कट्टर धार्मिक; धर्म की रक्षा करते हैं किसी इंसान की नहीं | हम लाखों रूपये मंदिरों में चढ़ा देंगे, लेकिन किसी की सहायता नहीं करेंगे | क्योंकि हमारा भगवान् तो मंदिरों मस्जिदों में कैद है और फिर अब तो चढ़ावे पर रसीद भी मिल जाती है | कुछ जगह तो टैक्स में भी छुट मिलती है | फिर किसी किसान के मरने से लाभ ही है क्योंकि उसकी जमीन कौड़ियों के भाव में खरीदी जा सकती है और उस पर कोई होटल या मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाई जा सकती है | चलो अच्छा ही हो रहा है जो कुछ हो रहा है |

इसी प्रकार देश के सारे किसान मारे जायेंगे या फिर अपनी खेत बेच कर किसी के गुलाम बन जायेंगे तो नेताओं के वारे न्यारे हो जायेंगे | क्योंकि उनको 90% चंदा तो कॉर्पोरेट्स से ही मिलता है न कि किसानों और आदिवासियों से | तो अच्छा ही है मर जाएँ सब फिर इस देश में कोट पेंट डाले साहब लोग घूमेंगे अंग्रेजी बोलते हुए | क्योंकि हमें तो भारत को अम्रीका और ब्रिटेन के टक्कर का बनाना है | और ये भूखे नंगे किसानो के कारण हम ऊपर नहीं बढ़ पा रहे | विदेशियों को बुला बुला कर परेशान हैं कि आ जाओ एफडीआई के नाम पर आ जाओ लेकिन ये किसान आड़े आ रहे हैं | जब तक इस देश में किसान रहेंगे विदेशियों को जमीन नहीं बेच पायेंगे | इसलिए इनका मरना ही ठीक है |

कर लो भाई सभी आँखें बंद और नाम भजो अमेरिका का क्योंकि हम लोग तो धार्मिक लोग हैं | एक दिन यह देश अवश्य किसान मुक्त देश होगा और हम सब अमेरिका के गुलाम होंगे | फिर अमेरिका जाने के लिए पासपोर्ट और वीज़ा कि ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी | -विशुद्ध चैतन्य

72 घंटे में 12 किसानों ने आत्महत्या कर ली | क्यों ?

During the last 72 hours, 12 farmers from Vidarbha region in Maharashtra committed suicide due to crop losses, Vidarbha Jan Andolan Samittee Chief Kishore Tiwari announced here today. According to press release issued by Kishore Tiwari, 12 farmers took their lives. All the farmers belong to the cotton-producing belt of western Vidarbha.

Saiyad Ansar Ali of Chikhalvardha village, Khushal Kapase of Dahegoan village, Punaji Manvar of Mangkinhi village, Someshwar Wade of Tamba village and Maroti Rathode of Nignur village, are all farmers from Yavatmal district who committed suicide. Three farmers from Wardha district namely Madhukar Adsar of Pimpalgoan village, Vithhal Taywade of Deoli village and Maroti Gode of Pimpalgoan village, also committed suicide. Two others, Shivanand Gite of Shivani village and Sunil Rakhunde of Gavthala village of Buldhana district as well as Sanjay Dakhore of Regoan village in Washim district and Nilesh Walke of Gunji from Amaravati district also committed suicide.

Courtesy: Oultook Nagpur | Dec 28, 2014

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