अपनी बातों को सही दिखाने के लिए किताबों का सहारा लेंगे या गुण्डों मवालियों का..

कुछ लोग जुड़ते हैं कुछ समझने के लिए नहीं, केवल एक मोनिटरिंग कमेटी के मेम्बर की तरह और पोस्ट पर नजर गडाए रहते है कि मोदी क…
Posted by विशुद्ध चैतन्य on 10 अक्टूबर 2015

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