क्या कभी इस विषय पर भी आप लोगों ने कोई चिंतन मनन किया है ?

यह बग़ावत भोपाल मे हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की गिरफ्तारी की माँग को लेकर है जिसने पैगंबर साहब पर अभद्र टिप्पणी की | लेकिन मुझे आश्चर्य इस बात पर है कि एक टुच्ची मानसिकता वाले संगठन के नेता के अभद्र बयान से आप किसी की जान लेने देने पर उतर आते हैं, लेकिन जिनके कारण आप लोगों का पूरा सम्प्रदाय ही कलंकित होता है, धर्म और अल्लाह की नाम पर लोग निर्दोषों और मासूमों की हत्याएं करते हैं, बलात्कार करते हैं, आतंक मचाते हैं…. तब आपको उतना बुरा नहीं लगता जितना और न ही आतंकियों के सर कलम करने के फतवे निकलते हैं और 51 लाख तो छोड़िये, कोई 51रूपये का भी इनाम नहीं रखता आतंकी के सर काटने वाले पर ! उनके लिए तो आप यह यह कहकर शरीफ बन जाते हैं कि उन्हें अल्लाह देखेगा या फिर उनका इस्लाम से कोई सम्बन्ध नहीं है | क्यों ?

क्या कभी इस विषय पर भी आप लोगों ने कोई चिंतन मनन किया है ?

यह भारतीय संस्कार ही है कि हम किसी के भी व्यक्तिगत मत, ईष्ट व आराध्यों का अपमान नहीं कर सकते और न ही करते हैं | यही कारण है यह देश विभिन्न मतों और मान्यताओं के साथ सदियों से फलता-फूलता चला आ रहा है | यह और बात है कि धर्मों के ठेकेदारों ने हमेशा आपसी सौहार्द बिगाड़ने व आपस में लड़ाकर व्यक्तिगत स्वार्थों को साधने के कुत्सित प्रयासों से सिवाय और कोई धार्मिक कार्य नहीं किया | ये धार्मिक संगठन तो इस योग्य भी नहीं हो पाए कि अपने ही संगठन के सदस्यों को भारतीय संस्कार सीखा पायें | ये संगठन तो इस योग्य भी नहीं हो पाए कि अपने सदस्यों को भाषा की मर्यादा सीखा पायें | इनके समर्थक और सदस्यों को तो खुले आम माँ-बहनों का मौखिक बलात्कार करते हुए भी शर्म नहीं आती… इसलिए कम से कम इतना विवेक का परिचय तो दीजिये कि जिनके कारण वास्तव में नबी और आपके सम्प्रदाय को कलंक लगता है, उनका विरोध करिए इतने ही जोश व उत्साह से |

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मैं स्वयं छद्म हिंदु संगठनों द्वारा हिन्दू सिद्धांतों (सर्वधर्म समभाव व वसुधैव कुटुम्बकम) के विरुद्ध आचरणों (घृणा व द्वेष) का घोर विरोधी हूँ और नफरत फ़ैलाने वाले इन पाखंडियों का हमेशा बहिष्कार करता आ रहा हूँ | इसलिए मैं आप लोगों से भी जानना चाहता हूँ कि आपका नबी और धर्म, नफरत के कारोबारियों और आतंकियों के कारनामों से उतना अपमानित क्यों नहीं होता, जितना कि इन धूर्तों के बयानों से होता है ? ~विशुद्ध चैतन्य

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