क्या अभिशाप है गरीबी ?

अधिकांश गरीब अपने भाग्य को दोष देते हैं, सरकार और समाज को कोसते हैं और रोते-कलपते जीवन गुजारते हैं या फिर किसी नेता-बाबा का दुमछल्ला बन जाते हैं या फिर अपराध जगत में कदम रख देते है |

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/L6UhG

1,150 total views, 2 views today

एक अविस्मर्णीय यात्रा थाईलैंड की

थाईलैंड का नागरिक भारतीय संस्कृति को धरोहर के रूप में नहीं सजा कर रखा, बल्कि आज भी अपने दैनिक जीवन में अपने आचरण से व्यक्त करता है

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/hNz3W

753 total views, no views today

आदर्श आराध्य गुरु और वंश परम्परा

डिग्रियाँ प्राप्त कर लेने मात्र से कोई शिक्षित नहीं हो जाता, शिक्षित होने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है | और गुरु का डिग्रीधारी होना अनिवार्य नहीं होता, क्योंकि जीवन की शिक्षा डिग्रियों से नहीं, अनुभवों से प्राप्त होती है |

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/3Qk2d

251 total views, no views today

आधुनिक परिभाषायें कर्म, नैतिकता, धार्मिकता और राष्ट्रभक्ति की

आइये आज मैं ऐसे शब्दों के आधुनिक अर्थ व परिभाषाएं बताता हूँ, जो भारतीय जनमानस के हृदय में बसता है, जिनके बिना भारतीय समाज का आस्तित्व नहीं

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/CUPVa

556 total views, 2 views today

पढ़े-लिखे डिग्रीधारियों और किताबी धार्मिकों में कोई अंतर नहीं होता

मैं साक्षरता के विरुद्ध नहीं हूँ और न ही विरुद्ध हूँ धार्मिकता के | साक्षर होना चाहिए हर इंसान को और धार्मिक भी | लेकिन न तो किताबी विद्वानों बने रहना लाभदायक है और नहीं किताबी धार्मिक बने से कोई भला होने वाला है

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/Pjkjr

1,027 total views, 1 views today

भीड़ केवल भीड़ होती है

भीड़ में कोई किसी की फ़िक्र नहीं करता, सभी अपनी अपनी फ़िक्र में खोये हुए हैं और सभी इसी भ्रम में जी रहे हैं कि भीड़ के साथ हैं इसीलिए सुरक्षित हैं

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/jfEqn

4,471 total views, 1 views today

मुझे दान देकर अपने खून पसीने की कमाई बर्बाद मत करिए

त्यागी, बैरागी, करोड़पति, अरबपति साधू-संतों की तरह धन, स्त्री, ऐश्वर्य, भौतिक सुखों को अछूत नहीं मानता हूँ मैं | न ही त्यागी बैरागी साधू-संतों की तरह धन को हाथ नहीं लगाता स्वयं अपितु उसके लिय सेक्रेटरी, या सेवक रखता हूँ |

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/SlTNz

1,068 total views, 1 views today

दुनिया का सबसे महंगा बिछौना कौन सा है, पता है ?

स्वयं की उपेक्षा मत कीजिए::: स्वयं ही स्वयं का आदर कीजिए ::::दूसरों के साथ भी प्रेमपूर्ण बर्ताव कीजिए

The short URL of this article is: https://www.vishuddhablog.com/UFKf9

1,423 total views, no views today