गौतम बुद्ध हिंसा के प्रति पक्षपाती थे

कोई एक व्यक्ति किसी का आदर्श केवल इसलिए हो जाता है, क्योंकि वह स्वयं भीतर से आदर्श व्यक्ति का कुछ गुणधर्म लेकर चलता है | अंगुलिमाल भले ही सब के लिए खतरा रहा हो, लेकिन बुद्ध से मिलने के बाद… Read moreगौतम बुद्ध हिंसा के प्रति पक्षपाती थे

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भारत एकल संस्कृति व संस्कारों का देश नहीं है

यह बात सभी को गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि भारत विभिन्न मतों, मान्यताओं, संस्कारों, परम्पराओं, भाषाओँ, संस्कृतियों का देश है | कोई इस्लामिक, इसाई, या बौद्ध देशों की तरह एकल संस्कृति व भाषा का देश नहीं है

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हर किसी को लगता है कि वही समय का सदुपयोग कर रहा है

मेरे एक मित्र श्री D.r. Godara जी ने इस पुस्तक के विषय में जानकारी दी और मुझसे अपनी राय व्यक्त करने का आग्रह किया | मैंने पुस्तक के कुछ अंश पढ़े, लेकिन पूरी नहीं पढ़ी | फिर भी मैं इतना तो समझ ही चुका था कि पुस्तक के लेखक गोकुलजी, बहुत ही सुलझे विचारों वाले, पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं |

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प्रकृति के साथ तारतम्यता यानि ब्रम्हचर्य

मैंने धर्म को समझने की कोशिश कभी भी धार्मिक ग्रंथो से नहीं की क्योंकि उसे पढ़कर कोई भी व्यक्ति धार्मिक नहीं बनता | हाँ कुछ बनता है तो कूपमंडूक बन जाता है, कुछ बनता है तो दंगाई बन जाता है, कुछ बनता है तो धर्मभीरु बन जाता है….

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अपने शरीर और मस्तिष्क को अपने वश में कर ले, वह आध्यात्मिक हो जाता है

Path

आस्तिक होने के लिए कुछ नहीं करना केवल “न काहू से दोस्ती न काहू से बैर” वाला डायलॉग बोल देना होता है |

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परमात्‍मा ने जिसको जीवन की शुरूआत बनाया है, वह पाप नहीं हो सकता है

तथाकथित धार्मिक लोगों ने, तथाकथित झूठे समाज ने, तथाकथित झूठे परिवार ने यही समझाने की कोशिश की है कि सेक्‍स, काम, यौन, अपवित्र है, घृणित है

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अब समझना शुरू कीजिये कि धर्म वास्तव में है क्या ?

मोटिवेशन गुरु संदीप माहेश्वरी का एक विडिओ देखा मुझे बहुत ही पसंद आया | एक प्रश्न ‘क्यों ?” किसी व्यक्ति को कितना बदल देता है वह उस विडियो में देखने को मिला | समाज प्रश्नों से घबराता है और उससे… Read moreअब समझना शुरू कीजिये कि धर्म वास्तव में है क्या ?

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हो सकता है कल मैं भी कंगाल सन्यासी से करोड़पति सन्यासी हो जाऊं

हो सकता है कल मैं भी कंगाल सन्यासी से करोड़पति सन्यासी हो जाऊं तो कारण यही होगा कि मैंने स्वयं को माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया था | लेकिन कल मेरे ही मित्र कहेंगे कि देखो पाखंडी सन्यासी कल तक चप्पलों में घूमता था और आज…..!!!

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