जब हमें पता चलता है कि देश की संपत्ति बिक रही है, जैसे एयर इण्डिया, जैसे रेलवे स्टेशन, जैसे नेता बिक रहे हैं, तो हमें दुःख लगता है | हमें दुःख लगता है जब नेता, धर्म व जाति के ठेकेदार, प्रशासनिक अधिकारी, सांसद, विधायक, मंत्री आदि अपने ईमान बेच रहे होते हैं, अपने जमीर बेच रहे होते हैं | हम आहत होते हैं जब हमें पता चलता है कि भारत 15 देशों को 34 रुपए लीटर पैट्रोल व 29 देशों को 37 रुपए लीटर डीजल बेच रहा है, जबकि देशवासियों को सरकार द्वारा यही डीजल व पैट्रोल दोगुने से भी अधिक दामों में बेचा जा रहा है। यह खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (आरटीआई) के माध्यम से मिली रिपोर्ट में हुआ है।

115 total views, 1 views today

अपना नेता यह देखकर मत चुनिए कि वह नौलखा सूट पहनता है, तीसहज़ारी सब्जी खाता है, सवा लाख के पेन से सिग्नेचर करता है……बल्कि यह देखकर चुनिए कि उसमें न्याय करने की योग्यता है या नहीं

358 total views, no views today

शतरंज मेरा प्रिय खेल था बचपन में | कई कई घंटों हम भाई-बहन शतरंज खेलते रहते | इसके अलावा कैरम, लूडो हमारा प्रिय खेल हुआ करता था | शतरंज एक रणनीति बनाकर खेला जाने खेल है | हर एक चाल बहुत ही सोच विचार कर…

1,983 total views, 33 views today

मेरे एक पोस्ट पर दो महत्वपूर्ण कमेंट्स आये थे जिनका उत्तर मैं विस्तार से देना चाहता था…पहले पोस्ट पढ़ लीजिये, फिर वे दो महत्वूर्ण कमेंट्स और फिर मेरा उत्तर…. कोई मुस्लिम मारा जाए भीड़ द्वारा तो मुस्लिम समाज चिंतित हो जाएगा लेकिन कोई मुस्लिम भूख…

1,792 total views, 14 views today

बीबीसी हिंदी समाचार की एक हेडलाइन ‘नौ देशों में विलुप्त हो सकता है धर्म’ पर नजर पड़ी | समाचार में लिखा था; अमेरिकन फ़िज़िकल सोसाइटी’ में छपे शोध के नतीजे इशारा करते हैं कि इन देशों में धर्म का लगभग अंत हो जाएगा. डॉक्टर रिचर्ड…

900 total views, no views today

कल रात किसी से चैट हो रही थी | उनके कहने का भाव जो मेरी समझ में आया वह यह कि भारत की राजनीति और यहाँ की जनता में कोई सुधार संभव नहीं है | आप इनको जागृत करना चाहते हैं, इनको चैतन्य करना चाहते…

603 total views, 19 views today

बचपन में ही मुझे अपने माता-पिता से व्यवहारिक ज्ञान ही मिला, न कि किताबी ज्ञान | वे यदि ध्यान, पूजा-पाठ के विषय में भी समझाते तो उसे तर्कपूर्ण तरीके से समझाते, न कि यह कहते कि किताबों में लिखा है इसलिए करना है | लेकिन…

493 total views, no views today

भाषा की खबर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, ‘हम डायरी और कैलेंडर में मोदीजी की तस्वीर शामिल करने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन गांधीजी की तस्वीर नहीं पाकर हम दुखी हैं। हम सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि क्यों गांधीजी को यहां…

1,232 total views, 14 views today

माना जाता है कि बहुमत जिसके पास हो, वही विजेता है | लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता क्योंकि बहुमत सत्यता का मानक कभी नहीं बन सकता और न ही कभी ऐसा हो सकता है कि सभी एकमत हो सकें | कुछ रिश्वतखोरी, घोटाले, भ्रष्टाचार के…

533 total views, no views today

अक्सर आप लोगों ने पढ़े-लिखे और जमीने विद्वानों को यह कहते सुना होगा, “स्वप्न तो केवल स्वप्न होता है सत्य नहीं | स्वप्न मन की दबी हुई भावनाओं को ही दिखाता है या दिन में जो कुछ भी हम सोचते हैं, देखते हैं वही सब…

1,069 total views, 14 views today