Category: विशुद्ध विचार

व्यवहारिक परिभाषा महानता की

व्यवहारिक परिभाषा महानता की क्या है यदि यह पूछा जाए तो सामान्य उत्तर मिलेगा, जो निःस्वार्थ दूसरों की सेवा, सहायता

क्या अभिशाप है गरीबी ?

अधिकांश गरीब अपने भाग्य को दोष देते हैं, सरकार और समाज को कोसते हैं और रोते-कलपते जीवन गुजारते हैं या

गुजर गया 2018 लड़खड़ाता हुआ

पिछले कुछ वर्षों से देख रहा हूँ कि समाज घृणा व द्वेष में ऐसा डूबा कि होश ही खो बैठा

धर्म खतरे में पड़ता है जब…

सदैव स्मरण रखें: यदि सारे हिन्दू मुसलमान हो जाएँ या सारे मुसलमान हिन्दू हो जाएँ, तब भी धर्म खतरे में

पलायनवादी कौन ?

वे सभी पलायनवादी ही हैं जो अपनी पत्नी-बच्चों को छोड़कर विदेशों में पड़े हुए हैं चंद रुपयों के लिए |<div

Landmafia

समस्याओं का समाधान नहीं है सत्ता-परिवर्तन

भारतवर्ष स्वयं एक पार्टी है और हर भारतीय सदस्य है उसका । संसद भवन केन्दीय कार्यालय है भारतीयों के प्रतिनिधियों

मृत्यु से भयभीत…..

ढोंगी और कायर हैं वे सभी धार्मिक, जो अधर्म के विरुद्ध आवाज तक उठाने से डरते हैं<div class='shorten_url'>

धर्म बंधन है या स्वतंत्रता ?

तो फिर प्रश्न उठता है कि जब कर्म धर्म नहीं है, रीतिरिवाज, धर्म नहीं है, पूजा-पाठ धर्म नहीं है, कर्त्तव्य