मैं साक्षरता के विरुद्ध नहीं हूँ और न ही विरुद्ध हूँ धार्मिकता के | साक्षर होना चाहिए हर इंसान को और धार्मिक भी | लेकिन न तो किताबी विद्वानों बने रहना लाभदायक है और नहीं किताबी धार्मिक बने से कोई भला होने वाला है

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भीड़ में कोई किसी की फ़िक्र नहीं करता, सभी अपनी अपनी फ़िक्र में खोये हुए हैं और सभी इसी भ्रम में जी रहे हैं कि भीड़ के साथ हैं इसीलिए सुरक्षित हैं

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मैं जानता हूँ कि मेरे इस लेख को पढ़कर आप मुझे गालियां देंगे, मुझे नारीविरोधी कहेंगे, इस लेख को स्त्री जाति का अपमान मानेंगे…..मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता…

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आपसे कहा जाता है कि जो पूर्वजों ने अपने अनुभवों से लिखा या कहा वही सही है और आप अपने अनुभवों से जो कुछ भी जानते समझते हैं वह गलत | इसका अर्थ तो यह हुआ कि प्राचीन काल के लोग हमसे अधिक बुद्धिमान व विद्वान थे ? इसका अर्थ तो यह हुआ कि उन्होंने जितना जाना, समझा, उससे आगे की यात्रा हमने की ही नहीं, उन प्राचीनकालीन विद्वानों के लेवल तक भी नहीं उठ पाए, बल्कि उस लेवल पर ही टिके रह गये, जिस लेवल के लोगों को वे विद्वान समझा रहे थे ?

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क्या आप किसी ऐसे धर्म या सम्प्रदाय का सहयोग करते हैं जो अपने सम्प्रदाय के लोगों को अत्याचार, शोषण व भुखमरी से बचाता हो ?

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भ्रष्ट नेताओं, मंत्रियों, अधिकारियों में कोई आपका रिश्तेदार होगा, कोई अपनी जात, धर्म, पार्टी या गाँव का होगा । अब अपनों का बहिष्कार भला कोई कर सकता है ?

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बचपन में एक गीत बहुत पसंद था मुझे, ‘गंगा तेरा पानी अमृत’ | जब भी गाँव में कोई धार्मिक या वैवाहिक समारोह होता था, तो लाउडस्पीकर मंगवाया जाता और यह गीत अवश्य बजता था और दिन में कई बार बजता था | मैंने कभी गंगा…

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उनको प्राप्त मान-सम्मान सभी को आकर्षित करता था और स्वाभाविक रूप से आस-पड़ोस के लोग ब्राह्मण के पुत्र को ब्राह्मण ही पुकारते थे क्योंकि वह पुत्र भी अपने माता-पिता की तरह ही विश्वसनीय व कर्त्तव्यनिष्ठ होगा यही धारणा होती थी | लेकिन यही मान्यता आगे चलकर घातक सिद्ध हुई

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चूँकि अधिकाँश मानव प्रजाति सेक्स कुंठा से ग्रस्त है, और सभी को सही समय पर इसका अनुभव नहीं मिल पाता या योग्य साथी नहीं मिल पाता, इसलिए सेक्स विश्व का सबसे प्राचीन व शायद प्रथम व्यवसाय बना

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अपना नेता यह देखकर मत चुनिए कि वह नौलखा सूट पहनता है, तीसहज़ारी सब्जी खाता है, सवा लाख के पेन से सिग्नेचर करता है……बल्कि यह देखकर चुनिए कि उसमें न्याय करने की योग्यता है या नहीं

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