Category: स्वयं की खोज

क्या अभिशाप है गरीबी ?

अधिकांश गरीब अपने भाग्य को दोष देते हैं, सरकार और समाज को कोसते हैं और रोते-कलपते जीवन गुजारते हैं या

आदर्श आराध्य गुरु और वंश परम्परा

डिग्रियाँ प्राप्त कर लेने मात्र से कोई शिक्षित नहीं हो जाता, शिक्षित होने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है

पढ़े-लिखे डिग्रीधारियों और किताबी धार्मिकों में कोई अंतर नहीं होता

मैं साक्षरता के विरुद्ध नहीं हूँ और न ही विरुद्ध हूँ धार्मिकता के | साक्षर होना चाहिए हर इंसान को

दुनिया का सबसे महंगा बिछौना कौन सा है, पता है ?

स्वयं की उपेक्षा मत कीजिए::: स्वयं ही स्वयं का आदर कीजिए ::::दूसरों के साथ भी प्रेमपूर्ण बर्ताव कीजिए<div class='shorten_url'>

कैसे हम सुनिश्चित करें कि क्या सही और क्या गलत ?

आपसे कहा जाता है कि जो पूर्वजों ने अपने अनुभवों से लिखा या कहा वही सही है और आप अपने

क्या आपको पूरा विश्वास है कि आप ढोंगी पाखण्डी नहीं हैं ?

क्या आप किसी ऐसे धर्म या सम्प्रदाय का सहयोग करते हैं जो अपने सम्प्रदाय के लोगों को अत्याचार, शोषण व

ईश्वर यदि है, तो वह कैसा दिखता है ?

अब समस्या यह हो जाती है कि लोग कहते हैं कि यदि ईश्वर आपके साथ है, आपके ही भीतर है

न मैं निःस्वार्थी हूँ और ना ही परोपकारी

मुझे क्षमा करें, मुझसे बिलकुल भी अपेक्षा न रखें कि मैं इन नेताओं, अधिकारीयों, धर्म व जाति के ठेकेदारों या