“पूजिए विप्र ज्ञान गुण हीना, शूद्र ना पूजिए ज्ञान प्रवीणा।”-तुलसीदास (रामचरितमानस) आज इन्टरनेट पर तुलसीदास रचित दोहे के इस अंश को खोजा तो पाया कि जितने भी दलित समाज उद्धारक हैं, सभी के पास अलग अलग रामचरितमानस है और सभी में दोहे भी अलग अलग…

ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर हिन्दू संप्रदाय के कूद पड़ने से और विशेषकर संघियों के कूदने से मुस्लिम समुदाय आहत हैं | अब यह स्वाभाविक ही है कि जब कोई आहत होता है तो वह सही गलत नहीं देखता, दूसरों को कैसे आहत किया जाए…

प्रार्थना और मैडिटेशन में जो सबसे बड़ा अंतर है वह यह कि प्रार्थना में ईश्वर को स्वयं से अलग माना जाता है और मैडिटेशन में …Posted by विशुद्ध चैतन्य on 18 अगस्त 2014 19

मैं जब ब्रॉडकास्ट मीडिया में काम करता था, तब वहां कभी कोई भेदभाव देखने नहीं मिला कि कोई हिन्दू है, मुस्लिम है शूद्र है, ब्राह्मण है… आदि इत्यादि | लेकिन एक प्रोड्यूसर मुझे मिली जिसका मानना था कि उसे मीन राशि वालों से नफरत है…

आपने देखा होगा कि जब भी कोई शव यात्रा निकलती है तो मार्ग में खड़े लोग थोड़ी देर ठहर जाते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते है। यह हिन्दू धर्म का एक प्रमुख नियम है जिसके अनुसार शवयात्रा को देखने के बाद हमें मृत आत्मा…

आज हमारे समाज का आधार हमारे धर्म ग्रन्थ हैं हर चीज उसमें लिखी हुई है | आज मानवता, प्रेम, सहयोग… सभी कुछ के नियम हैं | …Posted by विशुद्ध ब्लॉग on Wednesday, June 17, 2015 4

पुनर्जन्म की घटना कुछ वर्षों पहले तक केवल हिन्दुओं का अन्धविश्वास ही माना जाता था, लेकिन कभी हिन्दुओं ने कोई भी प्रयास नहीं किया कि शास्त्रों में जो पुनर्जन्म के विषय में बात की गई है उसे सत्यापित करने के लिए प्रमाण भी खोजें |…

सभी के लिए नववर्ष मंगलमय हो !, वर्ष २०१५ सम्पूर्ण विश्व के लिए धार्मिक उन्मादियों, आतंकियों व दंगाइयों से मुक्ति व आपसी प्रेम-विश्वास व सहयोगिता का वातावरण लेकर आये !! ~विशुद्ध चैतन्य 9

3 जनवरी से मुंबई में इंडियन साइंस कांग्रेस शुरू हो रही है जिसमें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित दो वैज्ञानिकों समेत दुनियाभर के बुद्धिजीवी हिस्सा लेंगे। इन्हीं में एक होंगे कैप्टन आनंद जे बोडास जो मानते हैं कि ‘आधुनिक विज्ञान दरअसल वैज्ञानिक नहीं’ है। मुंबई मिरर…

आज कल बहुत भ्रम की स्थिति में आये गए धर्म के ठेकेदार | उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि हिन्दू धर्म श्रेष्ठ है या सनातन धर्म | तो दोनों को मिला दिया और कहने लगे सनातन हिन्दू धर्म | जबकि हिन्दू भी अब एक…

भारतीय धर्म को सनातन धर्म कहा जाता था क्योंकि यह इतना विराट व विस्तृत था कि कोई भी व्यक्ति किसी भी पंथ और मान्यता का सनातन के अंतर्गत आ जाता था | लेकिन फिर लोग विद्वान होने लगे और हिन्दू धर्म की स्थापना हुई |…

भारत में कम ही लोग जानते हैं, पर विदेशों में लोग मानने लगे हैं कि वैदिक विधि से गणित के हिसाब लगाने में न केवल मज़ा आता है, उससे आत्मविश्वास मिलता है और स्मरणशक्ति भी बढ़ती है. जर्मनी में सबसे कम समय का एक नियमित…