शब्दों के अर्थ और परिभाषाएं बदल चुके हैं अब | अब भक्त का अर्थ भक्ति नहीं, अंधभक्ति है | अब देशभक्ति का अर्थ देश के प्रति भक्ति नहीं, मोदी और भाजपा के प्रति भक्ति है | अब देशसेवा का मतलब देश की सेवा नहीं, पूंजीपतियों,…

यह बात सभी को गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि भारत विभिन्न मतों, मान्यताओं, संस्कारों, परम्पराओं, भाषाओँ, संस्कृतियों का देश है | कोई इस्लामिक, इसाई, या बौद्ध देशों की तरह एकल संस्कृति व भाषा का देश नहीं है

मानवों ने जहाँ जहाँ अपनी विकासशील आधुनिक मानसिकता के कदम नहीं रखे, वह जगह आज भी सुंदर व मनमोहक हैं | लेकिन जहाँ-जहाँ मानवों की भीड़ पहुँच जाती है वह विकास व आधुनिकता की वेदी पर स्वाहा हो जाता है | अभी भी भारत में…

सभी के लिए नववर्ष मंगलमय हो !, वर्ष २०१५ सम्पूर्ण विश्व के लिए धार्मिक उन्मादियों, आतंकियों व दंगाइयों से मुक्ति व आपसी प्रेम-विश्वास व सहयोगिता का वातावरण लेकर आये !! ~विशुद्ध चैतन्य 9

भारतीय धर्म को सनातन धर्म कहा जाता था क्योंकि यह इतना विराट व विस्तृत था कि कोई भी व्यक्ति किसी भी पंथ और मान्यता का सनातन के अंतर्गत आ जाता था | लेकिन फिर लोग विद्वान होने लगे और हिन्दू धर्म की स्थापना हुई |…

यह सुविचार किसी ज़माने में मुझे बहुत ही सार्थक लगता था, लेकिन समय के साथ जाना कि यह वाक्य भी अब प्रवचनों और पुस्तकों तक ही सीमित रह गये या फिर कंठस्थ करने वाले विद्यार्थियों के लिए गरारे करने के काम ही आते हैं |…

कई हज़ार वर्ष पुरानी बात है | मैं, मेरी तन्हाई और दारु की मटकी भटकते हुए एक संत-सम्मलेन में पहुँच गये | वहाँ दुनिया भर से संत-महंत और धर्मों के ठेकेदार आये हुए थे | लाखों धार्मिक भी वहाँ पर एकत्रित थे | विषय था,…