society against dharma

समाज या सम्प्रदाय हिन्दू हो, या इस्लामिक, या ईसाई, या सिख, या बौध, या जैन या वामपंथी, या दक्षिणपंथी या भाजपाई, या सपाई या बसपाई या कोंग्रेसी या आपिया या और कोई भी | अधर्म यानि अन्याय, शोषण, अत्याचार, भ्रष्टाचार, अशिष्टता, अभद्रता, दूसरों की संपत्ति…

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“ध्यान का अर्थ होता है : चुप, मौन, कोई विचार नहीं उठता, कोई विचार की तरंग नहीं उठती, झील शांत है..। यह शांत झील वर्तमान से जोड़ देती है। और जो वर्तमान से जुड़ा, वही योगी है। ध्यानी योगी है। और जो वर्तमान से जुड़…

आज महिलादिवस था तो विश्वभर में कई आयोजन और गोष्ठियाँ हो रहीं हैं | लोगों से पूछा जा रहा स्त्रियों की स्वतंत्रता से सम्बंधित उनके विचार | सामान्यतः एक संन्यासी होने के नाते मुझे इस विषय पर कुछ नहीं कहना चाहिए और कहना भी पड़े…

जितने भी वाद हैं यानि मोदीवाद, अम्बेडकरवाद, माओवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद, हिन्दुवाद, इस्लामवाद, ब्राह्मणवाद, दलितवाद…..राष्ट्रवाद…सभी इंसान को दिमाग से पैदल कर देते हैं, सोचने समझने की शक्ति छीन लेते हैं | केवल मानवतावादी और सनातनधर्मी ही कुछ ऐसे लोग होते हैं, जो अपना विवेक नहीं खोते,…

कम से कम कोई एक ग्रन्थ तो ऐसा है भारत में जिसके दाह-संस्कार से दो परस्पर विरोधी एकमत होकर खुश होते हैं

दीर्घकाल से संन्यास शब्द अकर्मण्य लोगों की निष्क्रियता, निठल्लापन, पलायन, गैरजिम्मेदार जीवन-यापन, परावलंबन, पाखंड का प्रतीक बनकर रह गया है

चारों तरफ हजारों लोग हैं और तुम उनका अनुसरण कर रहे हो। और इसी अनुसरण से तुम्हारे व्यक्तित्व का निर्माण हो रहा है। और इसी व्यक्तित्व को तुम अपनी आत्मा समझे हुए हो

उन्होंने छुआ-छूत और ब्राहमण व शूद्रों के लिए अलग अलग बैठकर प्रसाद लेने की परम्परा बंद करवा दी और सभी को एक ही साथ बैठकर बिना कोई भेद-भाव प्रसाद लेने की परम्परा को लागू किया

यह बात सभी को गाँठ बाँध लेनी चाहिए कि भारत विभिन्न मतों, मान्यताओं, संस्कारों, परम्पराओं, भाषाओँ, संस्कृतियों का देश है | कोई इस्लामिक, इसाई, या बौद्ध देशों की तरह एकल संस्कृति व भाषा का देश नहीं है

अक्सर हम सुनते हैं कि धर्म खतरे में हैं | गली मोहल्लों से लेकर विश्वस्तर पर धर्म रक्षक बने लुच्चे लफंगों की सेनाएं तैनात हो रहीं हैं | हर किताबी रट्टामार धार्मिक इस बात पर बहुत ही गंभीरता से विश्वास करता है कि धर्म खतरे…

अभी मुझे वैज्ञानिक सोच के पढ़े-लिखे मित्र का यह पोस्ट पढने को मिला: मकर संक्रांति का औचित्य ??? लकीर के फकीरों के लिए मकर एक राशि है और संक्रांति का अर्थ है-गति।प्राचीन खगोल विज्ञानियों ने सूर्य के मार्ग को 12 भागों में बांटा था।इस मार्ग…