किसी ने ओशो से कहा कि वह जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करना चाहता है, इस पर ओशो बोले- तुम सूइसाइड क्यों करना चाहते हो? शायद तुम जैसा चाहते थे, लाइफ वैसी नहीं चल रही है? लेकिन तुम ज़िन्दगी पर अपना तरीका, अपनी इच्छा थोपने…

लोग कार्लमार्क्स, बुद्ध, जीसस या अन्य किसी भी महान व्यक्तित्व के अनुयाई (follower) बनकर समझते हैं कि उन्होंने कोई महान कार्य कर लिया | जबकि उन्होंने सिवाय जय जय करने के, एक नया सम्प्रदाय खड़ा करने के कुछ नहीं किया

पिछले दो दिनों से कुछ भी लिखने का मन नहीं कर रहा…यहाँ तक कि जब अभी मुझे पता चला कि हमारे गाँव में एक पंद्रह वर्षीय लड़के ने फाँसी लगाकर केवल इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि वह एक नौ-दस साल उम्र की लड़की से प्रेम…

उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग: लीवर आपका सही काम नहीं कर रहा है तो करे ये #उपाय ….: * लीवर हमारे शरीर का सबसे मुख्‍य अंग है, यदि आपका लीवर ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पा रहा है तो समझिये कि खतरे की घंटी बज…

एक अकेला चंदू पूरे गाँव के लिए कुआँ खोद कर पानी निकाल सकता है, लेकिन हम सवा सौ करोड़ लोग मुट्ठी भर नेताओं के भरोसे बैठे हैं !!!Posted by विशुद्ध चैतन्य on Tuesday, April 29, 2014 https://www.facebook.com/vishuddhablog 2

बहुत ही दुःख की बात है कि भारत आज भी अंग्रेजों का गुलाम है | आज भी अंग्रेजी से मुक्त नहीं हो पाया | आज भी न्याय व्यवस्था…Posted by विशुद्ध भारतीय on Tuesday, April 29, 2014 https://www.facebook.com/vishuddhablog 0

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं।Posted by Webdunia Hindi on Sunday, April 26, 2015 https://www.facebook.com/vishuddhablog 1

नेपाल में शनिवार को आए विनाशकारी भूकंप का असर भारत की नॉर्दर्न बेल्ट के कई शहरों में महसूस किया गया। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.8 आंकी गई। विशेषज्ञों की बात मानें तो खतरा अभी टला नहीं है। नॉर्दर्न बेल्ट में भूकंप आते ही रहेंगे।…

भारत में कम ही लोग जानते हैं, पर विदेशों में लोग मानने लगे हैं कि वैदिक विधि से गणित के हिसाब लगाने में न केवल मज़ा आता है, उससे आत्मविश्वास मिलता है और स्मरणशक्ति भी बढ़ती है. जर्मनी में सबसे कम समय का एक नियमित…

“….केवल प्रवचन तक ही सीमित है व्यवहारिक कहीं नहीं | यदि व्यवहारिक होते, तो ये धार्मिक, सभ्य, पढ़े-लिखे, अंग्रेजी बोलने वाली भेड़ें, नेताओं और पूंजीपतियों के दुमछल्ले न होते | ये नेताओं और मंदिरों को दान देने के स्थान पर आपस में सहयोगी हो गये…